कोटा के सेंट्रल जेल में गंदगी का आलम, बैरक व डिस्पेन्सरी की छत का टूटा प्लास्टर

निरीक्षण में मिली खामियां : केन्द्रीय कारागृह में 1376 बंदी, महिला सुधार गृह में 33 महिला बंदी निरूद्ध हैं।

By: dhirendra tanwar

Published: 25 Sep 2021, 12:36 AM IST

कोटा. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लतिका दीपक पराशर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटा की सचिव अणिमा ने शुक्रवार को केंद्रीय कारागृह व महिला सुधार गृह का निरीक्षण किया।

निरीक्षण में बैरक व डिस्पेन्सरी की छत का प्लास्टर टूटा मिला। नालियों में पानी ओवरफ्लो होना पाया। कई स्थानों पर गंदगी मिली तथा कारागृह स्थित अस्पताल में भी सफाई नहीं मिली।
बंदियों से उनकी आवश्यकताओं व सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली गई। निरीक्षण के समय केन्द्रीय कारागृह में क्षमता से अधिक बंदी निरुद्ध पाए गए। निरीक्षण के दौरान बीमार बंदियों को चिकित्सा सुविधा व दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कारागृह की बैरकों के टूटे फर्श की मरम्मत कराने व केन्द्रीय कारागृह की रसोई व बंदियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले शौचालयों व परिसर की सफाई के भी निर्देश दिए।

जेलर योगेश तेजी ने बताया कि केन्द्रीय कारागृह में 1376 बंदी निरूद्ध हैं। महिला सुधार गृह में 33 महिला बंदी निरूद्ध हैं। निरीक्षण के समय केन्द्रीय कारागृह में क्षमता से अधिक बंदी निरूद्ध पाए गए। जेल प्राधिकारियों ने इस संबंध में वरिष्ठ प्राधिकारियों केा पत्र प्रेषित किया जाना बताया।

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