पढ़ाई राजनीति में बनी रोडा तो उम्र को पीछे छोड़ा

Deepak Sharma

Publish: Jun, 14 2018 07:31:13 PM (IST)

Kota, Rajasthan, India
पढ़ाई राजनीति में बनी रोडा तो उम्र को पीछे छोड़ा

स्टेट ओपन की दसवीं के परीक्षा परिणाम में नैनवां के पूर्व पालिकाध्यक्ष पुखराज ओसवाल ने 55 वर्ष व देई नगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मायाप्रकाश शर्मा ने 49 वर्ष की उम्र में सफलता पाई।

बूंदी. नैनवां . राजनीति का क्या क्या नहीं करवाती। स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में दसवीं पास होने की अनिवार्यता के चलते दावेदारी से दरकिनार होने के बाद पढ़ाई का महत्व समझ आया। जब पढ़ाई राजनीति में रोडा बनी तो उम्रदराज जनप्रतिनिधियों ने फिर पुस्तकें उठाई, पढ़ीं और परीक्षा दी। बुधवार को आए स्टेट ओपन की दसवीं के परीक्षा परिणाम में नैनवां के पूर्व पालिकाध्यक्ष व भाजपा शहर अध्यक्ष पुखराज ओसवाल ने 55 वर्ष व देई नगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मायाप्रकाश शर्मा ने 49 वर्ष की उम्र में सफलता पाई। ओसवाल तीन बार पार्षद व दो बार शहर अध्यक्ष रह चुके हैं, लेकिन स्थानीय निकायों व पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में दसवीं पास होने अनिवार्यता से टिकट नहीं मिला तो 55 वर्ष की उम्र्र में स्टेट ऑपन स्कूल से दसवीं की परीक्षा दी। बुधवार को परिणाम आया तो पास हो गए।

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देई नगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मायाप्रकाश ने 1987 में दसवीं बोर्ड परीक्षा दी थी, लेकिन पास नहीं हुए तो पढ़ाई छोड़ दी। पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्य के लिए भी दसवीं पास होना अनिवार्य हो जाने से 2015 में हुए पंचायत समिति व जिला परिषद के टिकट से वंचित रह जाने के बाद फिर पढ़ाई याद आई। इसी वर्ष स्टेट ओपन स्कूल से परीक्षा दी और पास भी हो गए।


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education in old age

रोडवेज चालक ने 21 साल बाद उत्तीर्ण की 10वीं
उम्र पढ़ाई में कभी बाधा नहीं बनती, यह साबित कर दिखाया 58 वर्षीय रामप्रसाद गोस्वामी ने। रोडवेज में चालक रामप्रसाद ने 37 साल बाद राजस्थान स्टेट ओपन से दसवीं की परीक्षा पास कर ली। बेटी ने उन्हें पास होने की सूचना दी। रामप्रसाद बताते हैं कि 1986 में रोडवेज में नौकरी लगी थी। वे 1997 में नवीं पास कर चुके थे। नौकरी लगने के बाद सोचा कि अब तो रोजगार की कमी पूरी हो गई तो आगे पढ़ाई करने से क्या फायदा, लेकिन समय के साथ उनको शिक्षा की कमी खलती रही। इसके बाद स्टेट ओपन से पढ़ाई करने की सोची। रामप्रसाद के पास होने की खुशी में बूंदी डिपो मैनेजर ऑपरेशन महेन्द्र कुमार मीणा ने उनका स्वागत कर मुंह मीठा करवाया।

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