सोशल डिस्टेसिंग नहीं रखी तो सबकुछ हाथ से निकल जाएगा

कोटा में कोरोना संक्रमण तेज होने पर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। इसके अनुसार अब जिले में किसी भी मार्ग पर श्रमिकों को पदैल नहीं निकलने दिया जाएगा।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 16 May 2020, 09:15 AM IST

कोटा. कोटा में लॉकडाउन के दौरान कई जगह भीड़ एकत्र होने और सोशल डिस्टेसिंग नहीं रखने के मामले को लेकर संभागीय आयुक्त के.सी मीना को अधिकारियों की बैठक बुलानी पड़ी। इसमें उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, यदि सोशल डिस्टेसिंग की पालना नहीं हुई तो सबकुछ हाथ से निकला जाएगा। कोरोना-19 पर नियंत्रण के लिए आवश्यक है कि सुरक्षा उपायों की पालना की जाए। इस बैठक में डीआईजी रविदत्त गौड़, जिला कलक्टर ओम कसेरा, पुलिस अधीक्षक शहर गौरव यादव, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजन दुष्यंत, अ ाईएएस अतुल प्रकाश, मेडिकल कॉलेज के नियंत्रण डॉ. विजय सरदाना और मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भूपेन्द्रसिंह तंवर उपस्थित रहे।
संभागीय आयुक्त ने कहा कि शहर में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाकर जीरो मॉबेलिटी की पालना सख्ती से कराई जावे। सम्बन्धित क्षेत्रों मे कोरोना की गाइड लाइन के अनुसार स्क्रीनिंग भी बढ़ाई जावे। उन्होंने शहर में संक्रमण के फैलाव पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी विभागों को आपसी समन्यवय से सरकार के निर्देशों की पालना करते हुए आम नागरिकों को भी अनावश्यक बाहर नहीं निकलने के लिए जागरूक करें। उन्होंने शहर में भीड़ जमा होने वाले स्थानों पर सोशल डिस्टेसिंग की पालना के लिए सुधारात्मक कदम उठाकर उसकी सख्ती से पालना कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में सभी नागरिकों को मास्क व सोशल डिस्टेसिंग की पालना के लिए जागरूक किया जाए और नहीं मानने पर कार्यवाही की जाए।

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संभागीय आयुक्त बोले कोई श्रमिक पदैल नहीं निकले
संभागीय आयुक्त ने कहा कि सम्पूर्ण जिले में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी श्रमिक सड़क मार्ग या किसी भी रास्ते से पदैल नहीं जाए। उपखंड अधिकारी व पुलिस अधिकारी तथा तहसीलदार निरन्तर भ्रमण करें। ऐसे श्रमिकों को क्वारेंटाइन केन्द्रों पर पहुंचा कर उन्हें गन्तव्य स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करें। उन्होंने श्रमिकों के लिए बनाये गए क्वारेंटाइन सेन्टरों पर भोजन, आवास, पेयजल तथा चिकित्सा सुविधा की समय-समय पर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों की सीमाओं पर बनाए गए चैक पोस्टों पर निगरानी के लिए तैनात अधिकारियों को भी आने वाले श्रमिकों को पेयजल, छाया आदि की सुविधा प्रदान कर वाहनों के माध्यम से राज्य की सीमाओं तक भिजवाने के निर्देश दिए।

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भीड़ जमा नहीं हो: डीआईजी
पुलिस उपमहानिरीक्षक रविदत्त गौड़ ने कहा कि कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए शहर में अनावश्यक भीड़ जमा होने से रोकना होगा। उन्होंने कफ्र्यूग्रस्त क्षेत्रों में घर-घर राशन, फल, सब्जी की पहुंच करवाने, जीरो मोबेलिटी की पालना करवाने के पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि थोक फल-सब्जी मंडी में केवल आड़तिया, किसान व ठेले वालों को ही अनुमत किया जाए।
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कोटा जिले के लिए ये हुए निर्णय
-जिले में किसी भी मार्ग पर श्रमिकों को पदैल नहीं निकलने दिया जाएगा। उन्हें राज्य में गन्तव्य स्थान या अन्य राज्यों के निवासियों के लिए प्रदेश की सीमाओं तक वाहन से पहुंचाया जाएगा।
-थोक फल सब्जी मंडी में केवल आड़तिया, किसान व ठेले वाले ही अनुमत किए जाएंगे।
-किसानों को पूर्व की भांति शहर में अलग-अलग 7 स्थानों पर सब्जी विक्रय के लिए प्रेरित किया जाएगा।
-थोक सब्जी मंडी में बिना मास्क या सोशल डिस्टेसिंग की पालना नहीं पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।
-गुटखा व तम्बाकू बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्य वाही की जाएगी।

Jaggo Singh Dhaker
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