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36 लाख के घोटाले के मामले में अधिशासी अभियंता की जमानत अर्जी खारिज

आरोपी पर संवेदकों को ऊंची दर पर ठेका देकर सरकार को 36 लाख 46 हजार 227 रुपए की राजस्व हानि पहुंचाने का आरोप है।
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कोटा

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Ranjeet Singh Solanki

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Updated: 29 Dec 2020, 9:26 PM IST

36 लाख के घोटाले के मामले में अधिशासी अभियंता की जमानत अर्जी खारिज

36 लाख के घोटाले के मामले में अधिशासी अभियंता की जमानत अर्जी खारिज

कोटा. विशिष्ट न्यायालय भ्रaष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट (एसीबी कोर्ट) ने मंगलवार को अपने पद का दुरुपयोग कर संवेदकों को लाभ पहुंचाने के आरोपी जलदाय विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता विनोद कुमार शुक्ला निवासी सिविल लाइंस की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी पर संवेदकों को ऊंची दर पर ठेका देकर सरकार को 36 लाख 46 हजार 227 रुपए की राजस्व हानि पहुंचाने का आरोप है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी अनुसंधान अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ, पूछताछ में सहयोग नहीं किया, अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज की गई है। आरोपी ने जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता जिला झालावाड़ के पद पर मिलीभगत कर पद का दुरुपयोग कर हैंडपंप एवं ट्यूबवेल की खुदाई कार्य के लिए वर्ष 2005 में स्वीकृत निविदा दरों से बहुत अधिक उच्च दर पर करा कर राज्य सरकार को 36 लाख 46 हजार 227 रुपए की राजस्व हानि पहुंचाई। डायरी के अवलोकन से प्रथम दृष्टया स्पष्ट हुआ है कि अभियुक्त पर घटना के वक्त लोक सेवक जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता जिला झालावाड़ के पद पर पदस्थापित रहते हुए अभियुक्त गण के साथ अपराधिक षड्यंत्र के तहत मिलीभगत कर अपने पद का दुरुपयोग का आरोप है