हंसी-ठिठोली, हंगामा...और हो गई सफाई बैठक

हंसी-ठिठोली, हंगामा...और हो गई सफाई बैठक

Deepak Sharma | Publish: Sep, 08 2018 09:00:00 AM (IST) Kota, Rajasthan, India

- पार्षद : कचरा परिवहन के टेण्डर निरस्त नहीं होते तो यह हाल नहीं होता

- महापौर: सात दिन दिन में टेण्डर की कार्रवाई शुरू होगी

कोटा. शहर की सफाई-व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को बुलाई गई पार्षद दल की बैठक में सत्ता पक्ष के पार्षदों के ही निशाने पर महापौर पर रहे। भाजपा के ही पार्षदों ने महापौर पर सवालों की झड़ी लगा दी। महापौर ने इसकी बला अधिकारियों पर डाल दी। करीब ढाई घण्टे चली बैठक में हंसी-ठिठोली और बार-बार हंगामा होता रहा। कचरा परिवहन के तीन बार टेण्डर निरस्त होने के मसले को लेकर पार्षद गोपालराम मण्डा और महापौर के बीच बहस भी हुई। उप महापौर सुनीता व्यास ने दखल कर पार्षदों को शांत करवाया।
कैसे सफाई व्यवस्था सुधर सकती है, क्या प्रयास हों, क्या दिक्कत आ रही, ऐसे तमाम बिन्दुओं पर चर्चा करने के लिए महापौर और उप महापौर ने पार्षदों की यह बैठक बुलाई थी। अमूमन सभी पार्षदों की शिकायत थी कि कचरा प्वाइंट से कचरा नहीं उठता। कई वार्डों में दो दिन तक कचरा फैला रहता है। पार्षद विवेक राजवंशी ने कहा कि वाकई सफाई व्यवस्था में सुधार लाना है तो चर्चा से कुछ नहीं होगा, ठोस कदम उठाने होंगे। क्यों अब तक वार्डों में सफाई श्रमिकों का समानीकरण नहीं किया गया। क्यों वार्डों में टिपर पूरे चक्कर नहीं लगाते हैं, क्यों निगरानी नहीं होती है। बृजमोहन गौड़ ने कहा कि उनके वार्ड में एक प्वाइंट से दो दिन से कचरा नहीं उठ रहा। महेश गौतम लल्ली ने कहा कि एक निजी स्कूल के सामने के प्वाइंट से तीन दिन से कचरा नहीं उठ रहा, कैसे सफाई होगी। नरेन्द्र हाड़ा, विनोद नायक, इन्द्र जैन, भगवान स्वरूप गौतम, देवेन्द्र चौधरी, कृष्ण मुरारी सामरिया, रेखा जैन, रेखा लखेरा ने शिकायत की कि वार्ड प्रभारी उनकी नहीं सुनते। बैठक में प्रत्येक वार्ड में दस-दस ठेके की लेबर लगाने का मसला भी उठा।

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कांग्रेस पार्षदों ने कहा, ऐसे बुरे हाल नहीं देखे

प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका और पार्षद मोनू कुमारी ने कहा कि सफाई की ऐसी बुरी स्थिति कभी नहीं देखी। व्यवस्था चौपट है। टिपर नहीं आ रहे, कचरा नहीं उठ रहा, क्या कर रहा निगम प्रशासन। बीमारियां फैल रही हैं।
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ऐसे चले शब्दों के तीर
मण्डा : महापौर से मुखातिब होते हुए कचरा परिवहन के तीन बार आपने टेण्डर निरस्त करवा दिए, कैसे कचरा उठेगा।

महापौर : मैंने कोई टेण्डर निरस्त नहीं करवाए, मण्डा गलत बोल रहे हो।
अन्य पार्षद : कचरा परिवहन के नए टेण्डर होने चाहिए, नहीं तो शहर सड़ता रहेगा। हंगामा हो गया...,

महापौर : सात दिन में कचरा परिवहन के टेण्डर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मण्डा : गैराज समिति ने दो साल पहले स्वच्छ भारत मिशन में 7.50 करोड़ के सफाई के संसाधन खरीदने का प्रस्ताव लिया था, आप ने फाइल रोक ली।

महापौर : जरूरत के हिसाब से मैंने हूपर खरीदने को कहा था, फाइल रोकी नहीं थी, गलत मत बोलो।

 

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