पत्नी व तीन बच्चों के हत्यारे को फांसी की सजा

भवानीमंडी (झालावाड़). भवानीमंडी एडीजे कोर्ट ने बुधवार को दिए अपने एक ऐतिहासिक फैसले में पत्नी, एक बेटे व दो बेटियों की जहर देकर मारने के मामले में दोषी पति को फांसी की सजाई सुनाई। एडीजे डॉ. प्रभात कुमार अग्रवाल ने आरोपी पति को उसके प्राणांत होने तक फांसी पर लटकाने की सजा सुना दी।

By: Deepak Sharma

Published: 03 Mar 2021, 07:07 PM IST

भवानीमंडी (झालावाड़). भवानीमंडी एडीजे कोर्ट ने बुधवार को दिए अपने एक ऐतिहासिक फैसले में पत्नी, एक बेटे व दो बेटियों की जहर देकर मारने के मामले में दोषी पति को फांसी की सजाई सुनाई। एडीजे डॉ. प्रभात कुमार अग्रवाल ने आरोपी पति को उसके प्राणांत होने तक फांसी पर लटकाने की सजा सुना दी।
लोक अभियोजक लोकेश गुप्ता ने बताया कि सुनेल पुलिस थाना क्षेत्र के ढाबला खींची गांव निवासी आरोपी शाकिर ने 8 अक्टूबर 2019 की रात को पत्नी जाहिदा (40), पुत्री मुस्कान (14), अल्फिया (12), बेटे अल्फेज (10) को खाने में जहर देकर गला घोंटकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद वह फरार हो गया था, जिसे 14 नवम्बर 2019 को पुलिस ने कोटा के एमबीएस अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया था। बुधवार को एडीजे ने हत्यारे शाकिर को फांसी की सजा सुनाई।

कर्ज के चलते उजाड़ दिया परिवार
जानकारी के अनुसार, मुजरिम पर करीब सात लाख रुपए का कर्ज था। वह सट्टे का भी शौकीन था। घर में कलह और बाजार में रुपए के तकाजे के गुस्से में आकर उसने अपना ही घर उजाड़ दिया था। शाकिर ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने मकान गिरवी रखा था और कर्ज के चलते आर्थिक तंगी से परेशान था। वह कर्ज चुकाने के लिए मकान बेचना चाहता था, लेकिन परिवार वाले राजी नहीं थे। इसी से नाराज होकर उसने हत्याकांड को अंजाम दे दिया।

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