रेमडीसीवर इंजेक्शन का स्टॉक हुआ खत्म, मरीजों की मुश्किलें बढ़ी

कोटा में कोरोना की डरावनी रफ्तार देखने को मिल रही है। इससे चिंताजनक हालात बन रहे है। लोगों की लापरवाही शहर में भारी पड़ती जा रही है। लगातार मरीज बढ़ते जा रहे है

 

By: Abhishek Gupta

Published: 13 Apr 2021, 02:20 PM IST

कोटा. कोटा में कोरोना की डरावनी रफ्तार देखने को मिल रही है। इससे चिंताजनक हालात बन रहे है। लोगों की लापरवाही शहर में भारी पड़ती जा रही है। लगातार मरीज बढ़ते जा रहे है। इसी बीच गुजरात व मध्यप्रदेश की तरह कोटा में भी कोविड इंफेक्शन में मुख्य तौर पर काम आने वाले रेमडीसीवर इंजेक्शन की कि ल्लत बन गई है। इंजेक्शन को लेकर भारी मारा-मारी हो रही है। कालाबाजारी के चलते निजी अस्पताल व डीलर भी विपत्ति भरे समय को अवसर में बदल रहे है। कोविड अस्पताल सूत्रों ने बताया कि कोविड अस्पताल में करीब 200 मरीज है, जिन्हें रोजाना रेमडीसीवर इंजेक्शन की जरुरत पड़ रही है, लेकिन वहां भी स्टॉक नहीं बचा है। ऐसे में मंगलवार को मरीजों को रेमडीसीवर लगना मुश्किल हो गया।

एक्टिव केस 33 सौ पार
रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को 683 नए केस सामने आए है। एक कोविड मरीज की मौत हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक स्टेशन से 26 यात्री, सुभाष नगर से 4, यूजी हॉस्टल मेडिकल कॉलेज से 1, गल्र्स हॉस्टल मेडिकल कॉलेज से 1 युवती समेत अन्य इलाकों से संक्रमित मिले है। जिले में एक्टिव केस की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में 26 मार्च को 511 एक्टिव केस थे, जो बढ़कर अब 3312 पर पहुंच गए है। एक्टिव केस के मामले में कोटा प्रदेश में चौथे स्थान पर है। जबकि मृत्यु दर भी बढ़ रही है। जिले में अब तक 179 कोविड मरीज की मौत हो गई है।

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