
देश के बड़े औद्योगिक घराने को लेकर कोटा से आई ये बड़ी ख़बर...
कोटा. सेमटेल ग्लास लि. कोटा के मैनेजिंग डायरेक्टर्स को एनसीएलटी कोर्ट ने दिनांक 23 मई को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर कर अचानक बेरोजगार किए श्रमिकों को भुगतान न किए जाने के संबंध में जवाब देने के आदेश दिए है । सेमटेल प्रबंधक द्वारा 7 नवम्बर 2012 को कारखाना बंद कर दिया था।
इससे वहां दोनों यूनिटों सेमटेल ग्लास लिमिटेड एवं सेमटेल कलर लिमिटेड के करीब 1800 कामगारों को उनके बकाया वेतन, ग्रेच्यूटी, बोनस, पीएफ, बीमा के करोड़ों रुपयों का गबन किया गया। इसके विरोध में कर्मचारियों व परिजनों ने कई महीनों तक विरोध जताया। इस मामले में बोरखेड़ा थाने में 17 दिसम्बर 2012 को षडय़ंत्र रचने व धोखाधड़ी के मामले में मामला दर्ज करवाया।
इस पर तीन अधिकारियों जनरल मैनेजर हरिप्रसाद शर्मा, डिप्टी जनरल मैनेजर शंकर प्रसाद, एच आर मैनेजर अशोक गुप्ता की 21 दिन कोटा सेंट्रल जेल में बंद रहने के बाद जयपुर हाई कोर्ट से सशर्त जमानत हुई थी। इस मामले में नामजद फैक्ट्री के डायरेक्टर सतीश कुमार कौरा, पुनीत कौरा, जनरल मैनेजर सचिन अरोड़ा ने अभी तक श्रमिकों को उनके बकाया करोड़ों रुपए भुगतान नहीं किए।
श्रमिकों की ओर से उनकी एडवोकेट शिवा गौड, आरके स्वामी ने नेशनल कम्पनी लॉ ट्रिब्यूनल में श्रमिकों का पक्ष रखते हुए बहस की, जिस पर सुनवाई करते हुए एनसीएलटी कोर्ट ने सेमटेल ग्लास उद्योग के मैनेजिंग डॉयरेक्टर्स को व्यक्तिगत रूप से 23 मई को न्यायालय में हाजिर होने के आदेश दिए हैं। सेमटेल प्रबंधन को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में पेश होने के आदेश के बाद एक बार फिर प्रबंधक में खलबली मच गई । श्रमिकों को उनके बकाया करोड़ों रुपए भुगतान नहीं किए जाने से श्रमिकों को सड़क पर उतरना पड़ा था परिवार में भूखे मरने की नौबत आ गई।
Published on:
15 May 2019 06:36 pm
