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चश्मदीद बहन ने कहा: बाजी ने बचने की कोशिश की, घटपटाई लेकिन साबिर से बच नहीं पाई

शाहीनूर की हत्या की चश्मदीद छोटी बहन इशिका ने कहा कि बाजी ने की थी बचने की बहुत कोशिश की लेकिन साबिर से बच नहीं पाई।
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कोटा

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ritu shrivastav

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Updated: 9 Dec 2017, 2:47 PM IST

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शाहीनूर की हत्या

कोटा . 'बाजी (शाहीनूर) और मैं दोपहर करीब 3 बजे पैदल ही घर से कोचिंग के लिए निकले थे। दोनों बाते करते हुए घर से कुछ ही दूर गली में पहुंचे थे कि बाजी ने मुड़कर देखा और मुझसे बोली की तेज-तेज कदम बढ़ाओं, मैंने पीछे देखा तो साबिर आता दिखा। बाजी ने तुरंत फोन निकाला और तेज-तेज कदम बढ़ाते हुए घर पर फोन करने लगी। इससे पहले ही साबिर भागता हुआ आया और पीछे से बाजी का गला पकड़ा और सामने की तरफ आकर चाकू से ताबड़तोड़ वार करने लगा। एक सिर पर, हाथ पर और सीने पर कई चाकू मारे। वहां से कई लोग निकल रहे थे। मैं बचाने के लिए चिल्लाई, लेकिन कोई नहीं आया। बाजी ने घटपटाकर बचने की बहुत कोशिश की, लेकिन साबिर के आगे कुछ कर नहीं पाई। इसके बाद मैं घर की तरफ भागी और अम्मी को बुलाने गई, वापस आकर देखा तो साबिर वहां से जा चुका था। उसके खून से सने पैरों के निशान गली में साफ दिखाई दे रहे थे। चाकू लगने से बाजी नीचे गिर गई। उनके शरीर से खून बह रहा था। ये देखकर मैं रोने लगी और काफी घबरा गई।' (जैसा की बहन इशिका ने बताया)

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गली में खून, घर के बाहर भीड़

चाकू लगने के बाद गली में खून ही खून फैल गया। आरोपित जब भागा तो खून में सने पैरों के निशान जगह-जगह रह गए। घटना के बाद मृतका के घर लोगों की भीड़ जुट गई। परिचित परिजनों को ढाढस बंधाने लगे। मृतका की मौसी नजमा ने बताया कि इसी गली में उनका भी घर है। इशिका के चिल्लाने का शोर सुनकर उन्होंने देखा तो साबिर चाकू से वार कर रहा था। जैसे ही वे दौड़कर नीचे आई साबिर भाग गया। शाहीनूर के साथ कोचिंग में पढ़ने वाले शोएब अख्तर का कहना है कि उसने भी साबिर को चाकू मारते देखा। जब उसने शोर मचाया तो वह भाग गया। मामा फिरोज अहमद ने बताया कि शाहीनूर ने घर पर बताया था कि साबिर उसे बार बार फोन कर परेशान करता है। इस पर परिजनों ने साबिर को समझाने की भी कोशिश की थी कि वो बेटी से दूर रहे। परिजनों ने बदनामी से बचने के पुलिस को सूचना नहीं दी। मां शमीम बानो ने कहा कि उन्‍होंने कभी नहीं सोचा था कि साबिर ऐसा कदम उठाएगा।

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खुद भी जान देना चाहता था साबिर

एसपी अंशुमान भौमिया ने बताया कि साबिर ने शाहीनूर के आने-जाने के रास्ते की रैकी की थी। हत्या से पहले उसने शराब भी पी थी। उसके पास मिर्ची पाउडर, चाकू और जहर भी मिला। चाकू के वार से पहले उसने शाहीनूर की आंखों में मिर्च पाउडर डाला। इतना ही नहीं साबिर ने चाकू से खूद की दोनों हाथों की नसें काटकर जान देने का प्रयास किया। पूछताछ में साबिर ने जहर खा कर जान देने की भी बात स्वीकार की। वो चाकू कहां से लाया और हत्या की प्लानिंग कैसे की इसकी जांच की जा रही है।