
Inside Story: जुगराज को पाकिस्तान से हिंदुस्तान लाने को पिता ने नाप डाला था पूरा देश, बिक गए घर और जमीन
कोटा. पाकिस्तान ( Pakistan ) के कराची की जेल में बंद जुगराज ( Jugraj ) को अपने वतन वापस लाने के लिए पिता ने पूरा हिंदुस्तान नाप डाला था। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काट चप्पलें तक घिस गई लेकिन अपने लाल को घर लाने की हिम्मत नहीं हारी। माता-पिता को अपने बेटे के जिंदा होने का सबूत तो मिल गया था लेकिन उस तक पहुंचने के सारे रास्ते बंद नजर आ रहे थे।
करीब 6 साल पहले डाबी थाना क्षेत्र के रामपुरिया गांव से गायब हुए बेटे को देश के हर हिस्से में तलाश किया। पिता भैरूलाल ने जुगराज की तलाश में घूमते-घूमते जमीनें तक बिक गई। बुजुर्ग रामपुरिया गांव में छप्पर बनाकर निवास करते हैं। जब बेटे का पाकिस्तान के कराची की जेल में बंद होने का सबूत मिला तो वह चपरासी से लेकर मिनिस्टर तक पहुंच जुगराज की वापसी की फरियाद लगाई।
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जुगराज के पिता ने बताया कि 6 वर्ष पहले जुगराज मानसिक रूप से बीमार रहने लगा था। उसका कोटा के अस्पताल में इलाज भी करवाया, लेकिन ठीक नहीं हुआ। एक दिन अचानक रात को घर से निकल गया। उसके बाद कई जगह तलाश किया, लेकिन उसका कहीं भी पता नहीं चला। उसकी तलाश में घर व जमीन भी बेच डाली। इससे पहले उसके इलाज में दो लाख रुपए भी खर्च कर दिए। सब कुछ बर्बाद हो गया। बेटे की वापसी की आस टूटने लगी थी कि एक दिन पुलिस से पता चला है कि उसका बेटा पाकिस्तान की कराची जेल में बंद हैं।
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तत्कालीन सांसद ने विदेश मंत्री को लिखा था पत्र
जुगराज की रिहाई के लिए गत वर्ष तत्कालीन सांसद व वर्तमान में भाजपा प्रत्याशी ओम बिरला ने केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा था कि कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र के ग्राम रामपुरिया का युवक जुगराज पिछले 6 वर्षों से अपने घर से लापता है। जिला प्रशासन के माध्यम से जानकारी में आया है कि लापता युवक जुगराज पाकिस्तान के कराची जेल में बंद है।
जुगराज की कराची जेल में बंद होने की जानकारी आने पर उसके माता-पिता एवं परिवार के अन्य सदस्य व्याकुल और मानसिक पीड़ा में है। जुगराज को कराची से भारत में लाने के लिए उच्च स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाए ताकि उसे स्वदेश लाने के साथ ही परिवार के सदस्यों को राहत मिल सकें।
Published on:
03 May 2019 10:00 am
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