22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कोटा की जमीन में ऐसा क्या छिपा जिसे निकालने बाहर से आ रही स्पेशल मशीनें, पुलिस को भनक तक नहीं

कोटा शहर में ही रोजाना एक दर्जन से अधिक टयूबवेल खोदे जा रहे हैं। दिन हो या रात, बोरवेल मशीनें धड़ल्ले से धरती की छाती गोद रही हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Zuber Khan

•

Updated: 10 Apr 2018, 9:51 AM IST

TubeWell And Borewells digging

कोटा . धरती के गर्भ में समाए अमृत को बचाने के लिए राज्य सरकार ने शहर समेत पूरे जिले में बिना जिला कलक्टर की अनुमति के टयूबवेल खोदने पर रोक लगाई हुई है। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता और कार्रवाई नहीं करने के चलते अकेले कोटा शहर में ही रोजाना एक दर्जन से अधिक टयूबवेल खोदे जा रहे हैं। दिन हो या रात, बोरवेल मशीनें धड़ल्ले से धरती की छाती गोद रही हैं। इधर, प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।

Read More: सीएम आ रही कोटा हुस्नआरा के शहजादे का नाम रखने, इस राजा की ताजपोशी होगी ऐसी कि देखती रह जाएगी दुनिया

नहीं होती कोई कार्रवाई

शहर में बिना अनुमति के हो रही टयूबवेल खुदाई के खिलाफ कार्रवाई के लिए जलदाय विभाग, भूजल विभाग, जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन जिम्मेदार हैं। जिला कलक्टर की अध्यक्षता में कमेटी भी बनी हुई है, लेकिन यह मात्र कागजों तक ही सीमित है। नतीजा यह कि लोग धड़ल्ले से टयूबवैल खुदवा रहे।

Big News: वीएमओयू में घोटाला: 171 कर्मचारियों से होगी 3 करोड़ की वसूली

मशीनें भी बाहरी
ज्यादतर बोरवेल में मशीनें राज्य से बाहर की आ रही हैं। उनका स्थानीय परिवहन कार्यालय में कोई रिकॉर्ड नहीं। जबकि नियमानुसार बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए राजस्थान के संबंधित जिले के परिवहन कार्यालय से अनुमति लेनी होती है तथा निर्धारित शुल्क जमा कराकर अस्थाई पंजीयन कराना होता है। लेकिन परिवहन विभाग भी ऐसे वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।

Read More: 30 रुपए को लेकर मचा बवाल, छात्रों ने प्राचार्य को कक्ष में घुसने से रोका...

पुलिस को नहीं कोई मतलब
'पत्रिका संवाददाता को रविवार देर रात कुन्हाड़ी स्थित लेण्डमार्क सिटी में हॉस्टल के बाहर ट्यूबवेल होने की सूचना मिली। संवाददाता यहां पर पहुंचा तो एक हॉस्टल के बाहर बोरिंग किया जा रहा था। सूचना उसने कुन्हाड़ी थाना पुलिस को दी, लेकिन आधा घंटे के बाद भी वहां पर कोई पुलिस कर्मी नहीं पहुंचा। इधर, रातभर यह बोरिंग का कार्य चलता रहा।

Read More: बंद की अफवाहों का बाजार गर्म, साइबर सेल ने कसी कमर..

कोचिंग क्षेत्र: जमकर कूट रहे चांदी

कोचिंग क्षेत्रों में इन दिनों रात में जमकर टयूबवेलों की खुदाई हो रही। राजीवगांधी नगर क्षेत्र में सैंकड़ों टयूबवैल लगे हैं। पानी के दोहन के चलते वहां भूजल रीतने लगा है। पुराने टयूबवेल भी हवा फेंकने लगे तो हॉस्टल संचालक इन्हें गहरा कराने के लिए फि र से खुदाई करा रहे। नए कोटा क्ष़ेत्र में भी इन दिनों दिन-रात बोरवेल मशीनों का शोर सुनाई दे रहा है।