एक वर्ष बाद अब फिर से फिरेंगे किसानों के दिन

एक वर्ष बाद अब फिर से फिरेंगे किसानों के दिन

Kamlesh Meena | Publish: Apr, 10 2018 11:48:34 AM (IST) Kuchaman City, Rajasthan, India

सौर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना का मामला, दरें व कम्पनी तय नहीं होने से अटके हुए थे कनेक्शन

कुचामनसिटी. उद्यान विभाग की सौर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना की एक वर्ष के अंतराल के बाद फिर से राह खुल गई है। ऐसे में अब किसान विभाग में आवेदन कर फिर से सौर ऊर्जा का पम्प लगवा सकेंगे। वर्तमान में सौर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना के लिए किसानों का चयन पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार दरें व कम्पनी तय नहीं होने से एक अप्रेल 2017 से 31 मार्च 2018 तक सौर उर्जा पम्प के कनेक्शन नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में किसान उद्यान विभागों के चक्कर काट रहे थे। अभी हाल ही में उद्यान विभाग ने तीन व पांच एचपी के सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र कृषकों को वर्ष 2018-19 में अनुदान उपलब्ध कराने के लिए जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन तथा राज्य योजना के अन्तर्गत सौर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना के लिए दिशा निर्देश भिजवाए हैं। इसके तहत किसान फिर से सौर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना का लाभ सब्सिडी के साथ उठा सकेंगे। गौरतलब है कि अप्रेल 2017 में उक्त योजना विद्युत निगम को दे दी थी। इसके बाद सितम्बर 2017 में वापस उद्यान विभाग को योजना का जिम्मा सौंप दिया। अब एक अप्रेल 2018 से किसान उद्यान विभाग में आवेदन कर सौर ऊर्जा पम्प के लिए आवेदन कर सकते हैं।

जिले में लगेंगे 62 पम्प
परियोजना के तहत राज्य के समस्त जिलों के लिए एमएनआरई, केन्द्र सरकार से प्राप्त लक्ष्यों के अनुसार 7500 सौर ऊर्जा आधारित पम्प संयंत्र (2500 सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र 3 एचपी एवं 5000 सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र पांच एचपी) स्थापित करवाए जाना प्रस्तावित है। नागौर जिले में तीन व पांच एचपी के आवंटित लक्ष्य 62 निर्धारित किए गए हैं। लक्ष्यों की प्राप्ति में कृषक श्रेणी अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को वांछित लाभ प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया है। उद्यान विभाग के मुताबिक विभिन्न एचपी के पम्प पर अलग-अलग लागत तय की गई है। इसमें 60 प्रतिशत सब्सिडी पर तीन एचपी 108731 तथा पांच एचपी पर 146327 रुपए लागत तय की गई है।

यह लगाने होंगे दस्तावेज
अनुदान पत्रवालियों के साथ आवेदनकर्ता को विभिन्न दस्तावेज लगाने होंगे। इसमें आवेदन पत्र लाभार्थी की पासपोर्ट साइज फोटो, कृषक का आधार कार्ड व भामाशाह कार्ड की छाया प्रति, कृषक शपथ पत्र, आवेदन पात्रता सत्यापन प्रमाण पत्र, सौर ऊर्जा के लिए तकनीकी रिपोर्ट, संबंधित डिस्कॉम में कृषि कनेक्शन प्राप्त करने की सूची में अंकन होने या न होने का प्रमाण पत्र, भूमि की जमाबंदी या पासबुक की प्रतिलिपि, सिंचाई जलस्रोत, त्रिपार्टी अनुबंध तथा सूचीबद्ध आपूर्तिकर्ता फर्म का कोटेशन जरूरी होगा।

सौर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना में नहीं गाइडलाइन आई है। गत एक वर्ष से दरें व कम्पनी तय नहीं होने कार्य अटका हुआ था। अब वापस नए लक्ष्य आवंटित किए हैं। किसान विभाग में आकर पहले आओ, पहले पाओ के तहत पम्प का लाभ प्राप्त कर सकता है।
- अमरसिंह राठौड़, सहायक कृषि अधिकारी, उद्यान विभाग, कुचामनसिटी

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned