scriptAshish Mishra kept separate from the jailed prisoners | Lakhimpur Kheri violence : आशीष मिश्रा को जेल में बंद अन्य कैदियों से रखा गया अलग, जानिए क्या है कारण, | Patrika News

Lakhimpur Kheri violence : आशीष मिश्रा को जेल में बंद अन्य कैदियों से रखा गया अलग, जानिए क्या है कारण,

Lakhimpur Kheri violence : बीते साल 3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव में हुई हिंसा में चार किसानों और एक पत्रकार सहित आठ लोगों की जान गई थी। जांच टीम ने सीजेएम अदालत में मामले की जांच पूरी करते हुए 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी हैं।

लखीमपुर खेरी

Updated: April 25, 2022 05:50:02 pm

Lakhimpur Kheri violence : बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद तिकुनियां कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा ने रविवार के दिन कोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया था। आशीष मिश्रा के अधिवक्ता ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर को लेकर अर्जी दी थी। इसके बाद अर्जी पर सुनवाई करते हुए सीजेएम चिंताराम ने आशीष मिश्रा को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया। आशीष को जेल के बैरक नंबर 21 में फिलहाल 7 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया गया है। बताया गया है कि आशीष मिश्रा की पहली रात वहां काफी बेचैनी से कटी। बता दें कि हाईकोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिसके बाद 18 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा की जमानत को निरस्त कर दिया था।
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आशीष समेत 14 लोग थे आरोपी

गौरतलब है कि 3 अक्टूबर साल 2021 को लखीमपुर खीरी जिले के नेपाल सीमा से सटे तिकुनिया गांव में हिंसा के दौरान चार किसान, एक पत्रकार, ड्राइवर और दो बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी। हिंसा के मामले में 14 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
15 फरवरी को आशीष जेल से आया था बाहर

हालांकि इस मामले में आशीष मिश्रा की जमानत को 10 फरवरी को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मंजूर कर लिया था और 15 फरवरी को आशीष मिश्रा जेल से बाहर आ गया था।
18 अप्रेल को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की जमानत

लेकिन तिकुनिया हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 18 अप्रेल को हाईकोर्ट का फैसला पलटते हुए जमानत को रद्द कर दिया था। इसी के साथ एक सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का भी निर्देश दिया था।
क्वारंटाइन बैरक में रखा गया

जानकारी के अनुसार सरेंडर करने के दौरान अंतिम समय में कोई दिक्कत न हो इसको लेकर आशीष ने रविवार को आत्मसमर्पण कर दिया। कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए आशीष को अन्य कैदियों से अलग क्वारंटाइन बैरक में रखा गया है।

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