8 साल में हुई शिक्षक नियुक्तियों की होगी जांच, तलाशी जाएंगी फर्जी भर्तियां

फर्जी नियुक्ति की लगातार मिल रही शिकायतों पर शासन ने आखिरकार जांच बैठा ही दी है...

लखीमपुर खीरी. बेसिक शिक्षा विभाग में 2010 के बाद हुई सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की जांच एक बार फिर से होने जा रही है। फर्जी नियुक्ति की लगातार मिल रही शिकायतों पर शासन ने आखिरकार जांच बैठा ही दी है। जांच टीम में तीन अफसरों की टीम बनाई गई है। इसमें एडीएम अध्यक्ष और एसपी व एडी बेसिक को सदस्य बनाया गया है। फर्जी नियुक्ति तो नही इसके लिए शासन ने नौ बिंदुओं की जांच के लिए निर्धारित किया है। इस पर जांच कर रिपोर्ट सीमित देगी। जांच समिति से बीएसए को दूर रखा गया है। समिति डीएम के निर्देश पर काम करेगी।

 

अपर मुख्य सचिव ने भेजा पत्र

अपर मुख्य सचिव डॉक्टर प्रभात कुमार ने इस बारे में सभी जिलों के डीएम व एसपी को पत्र भेजा है। कहा है कि 2010 में बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति को लेकर तमाम शिकायतें आ रही है। इसको लेकर शासन द्वारा भर्तियों की जांच कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जांच टीम भी गठित की गई है। उसमें अपर जिलाधिकारी अध्यक्ष एएसपी सदस्य और सहायक मंडलीय शिक्षा निदेशक सदस्य बनाए गए हैं। गठित टीम कुल 9 बिंदुओं पर जांच के लिए निर्धारित किए गए हैं। पिछले 8 सालों में शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। उनकी विस्तृत जांच की जाएगी। बताते चलें कि कई जिलों में फर्जी प्रमाण पत्र मेरिट लिस्ट में दूसरे का नाम होने और जोइनिंग दूसरे आदि की करने के मामले सामने आने के बाद पूरी जांच शुरू कर दी गई है।

 

होगी पूरी जांच

इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस चयन वर्ष में प्रकाशित मेरिट लिस्ट से चयनित किए गए शिक्षकों का मिलान। जिनका नाम सूची में था। क्या उन्होंने आवेदन किया था या नहीं शिक्षक प्रमाण पत्र आवेदन करने वाले शिक्षक ही है या नहीं शिक्षक को नियुक्ति पत्र उनके पते पर डाक से भेजे गए थे या कार्यालय से ले गए थे। चयन के बाद योगदान से पहले पुलिस वेरिफिकेशन कराया था या नहीं दिव्या एसी-एसटी के प्रमाण पत्रों की जांच इसके अलावा जिले में तैनात शिक्षकों का अबतक आधार लिंक हुआ है या नहीं को कुल 9 बिंदुओं इसमें शामिल किए गए हैं। जिन पर टीम को जांच करनी है।

नितिन श्रीवास्तव
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