शेयरहोल्डर्स Mark Zuckerberg को Facebook चेयरमैन पद से हटाने का करेंगे प्रयास, विशेष वोटिंग पावर पर असहमति

शेयरहोल्डर्स Mark Zuckerberg को Facebook चेयरमैन पद से हटाने का करेंगे प्रयास, विशेष वोटिंग पावर पर असहमति

Ashutosh Kumar Verma | Updated: 15 Apr 2019, 07:33:40 AM (IST) कॉर्पोरेट

  • कैम्ब्रिज एनालिटिका मामले को सही ढंग से नहीं हैंडल करने के बाद जकरबर्ग को चेयरमैन पद से हटाना चाहते हैं निवेशक।
  • शेयरधारकों की मांग- कंपनी में हो स्वतंत्र एग्जीक्युटिव की नियुक्ति।
  • जकरबर्ग के पास है विशेष वोटिंग पावर, जिसे शेयरधारक बदलना चाहते हैं।

नई दिल्ली। फेसबुक के शेयरहोल्डर्स एक बार फिर मार्क जुकरबर्ग को कंपनी की चेयरमैन पद से बाहर का रास्ता दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनी का शेयर स्ट्रक्चर सही ढंग का नहीं है। गत शुक्रवार को सिक्योरिट एक्सचेंज आयोग को फाइलिंग में, फेसबुक ( Facebook ) ने आगामी 30 मई को शेयरधारकों के प्रस्ताव को लेकर होने वाली वार्षिक बैठक के बारे में नोटिस दिया। कुल 8 स्टॉकहोल्डर्स प्रस्ताव में से केवल दो ही प्रस्ताव ऐसे होंगे जिनसे मार्क जकरबर्ग ( Mark Zuckerberg ) और कंपनी की बोर्ड परिचित होंगे। निवेशक एक बार फिर इस सोशल मीडिया कंपनी की गवर्नेंस में बदलाव का मन बना चुके हैं।


शेयरहोल्डर्स स्वतंत्र गवर्नेंस के पक्ष में

बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रस्तावों में से एक यह भी होगा कि स्टॉकहोल्डर्स स्वतंत्र गवर्नेंस को लेकर अपना पक्ष रखें। अगर ऐसा होता है तो मार्क जकरबर्ग को फेसबुक के चेयरमैन पद से हटना पड़ा सकता है। उनकी जगह किसी स्वतंत्र एग्जीक्युटिव की नियुक्ति हो सकती है। पिछले साल जुलाई माह में ही कई कैम्ब्रिज एनालिटिका ( cambridge analytica ) स्कैंडल को सही तरीके से हैंडल न करने की वजह से शेयरधारकों ने उन्हे कंपनी की चेयरमैन पद से हटाने का प्रयास किया था।


जकरबर्ग के पास है विशेष वोटिंग पावर

फेसबुक ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, "हमारा मानना है कि मौजूदा स्ट्रक्चर के तहत बोर्ड निदेशक बेहतरीन तरीके से काम कर रहे हैं। मौजूदा स्ट्रक्चर्स में कंपनी सुरक्षित हाथों में है। हम नहीं मानते हैं कि स्वतंत्र अगुवाई हमे सही दिशा में ले जाएगा और हम बेहतर परफार्म कर सकेंगे। इसके उलट, मैनेजमेंट को इस प्रस्ताव से काम करने में परेशािनयों को सामना करना पड़ सकता है।" साल 2017 में भी ऐसी खबरें सामने आईं थी लेकिन जकरबर्ग की वोटिंग पावर से बड़ा झटका लगा था।


आगामी वार्षिक बैठक में निवेशकों के पास मौका

जकरबर्ग के इसी पावर को देखते हुए निवेशका मौजूदा स्ट्रक्चर में बदलाव करना चाहते हैं। वार्षिक बैठक में निवेशकों के पास एक मौका है जिसमें वे अपने प्रस्ताव के माध्यम से क्लास बी शेयरहोल्डर्स को मिलने वाले अतिरिक्त पावर को खत्म कर सके। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि हम सभी शेयरधारकों से आग्रह करते है। कि वे प्रति शेयर एक वोट के लिए सभी बकाया स्टॉक के लिए पुनर्पूंजीकरण योजना के लिए अपना वोट दें। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि आखिर किस निवेशक ने यह प्रस्ताव दिया है।

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