एम एस धोनी से लेकर अरूंधती भट्टाचार्य के लिए ये है आजादी का मतलब

आजादी का मतलब ये भी होता है कि आपको अपने हुनर आैर काबिलियत से अपनी कंपनी आैर अपने बाॅस का दिल जीतना सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है।

By: Ashutosh Verma

Published: 15 Aug 2018, 03:07 PM IST

नर्इ दिल्ली। आज देश अाजादी के जश्न में पूरी तरह से डूबा हुआ है। आजादी की 72वीं वर्षगांठ मना रहे सभी भारतीय लोगों के लिए आजाद भारत को लेकर अपना एक खास मतलब होता है। हर कोर्इ आज किसी न किसी बेड़ियों से आजाद होने पर खुशी महसूस कर रहा है। हर नागरिक की अपनी व्यक्तिगत अाजादी ही उसे कर्इ बुलंदियों पर पहुंचने आैर एक अपन मुकाम हासिल करने में सबसे अधिक मददगार होती है। आज आजादी के इस 72वीं वर्षगांठ पर हम आपको एेसे ही कारोबार जगत के कुछ दिग्गज लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी अाजादी से आज देश के नाम विश्व पटल पर नए अक्षरों से चिन्हित किया है।


आज के नौकरीपेशा लोगों के लिए अाजादी का सबसे बड़ा मतलब स्वच्छंदता से काम करने का होता है। लेकिन इसके लिए आपको अपने हुनर आैर काबिलियत से अपनी कंपनी आैर अपने बाॅस का दिल जीतना सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। सबसे पहले बात करें देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक यानी एसबीआर्इ की पूर्व चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य की। अरुंधती अपनी अाजादी को लेकर कहती हैं कि जब आप एक कंपनी चलाते हैं आैर अापके पास अपनी कंपनी के लिए सफलता के लिए कर्इ बड़े फैसल लेने का अधिकार होता है। किसी भी मौके पर अपको कुछ एेसे फैसले लेने होते हैं जो जिससे आपके कंपनी आैर निवेशकाें को फायदा हो। हां ये सच है कि आपको भी किसी आैर की जवाबदेही होती है। लेकिन आपके पास इस आजादी के साथ-साथ जिम्मेदारी भी होती है।


माेटोराॅयल, एमवी अगस्ता के एमडी अजिंक्या फिरोदिया अपनी आजादी को लेकर कहते हैं कि, एक बाॅस के तौर पर जब अाप अपनी जिम्मेदारी को समझ लेते हैं तो आप स्वतः ही आजाद हो जाते हैं। लोगों को इस बात की से खुशी होती है कि आप उनके आैर कंपनी के लिए कुछ अहम फैसले लेते हैं। ये आजादी ही आपको अपनी कंपनी की विजन को हासिल करने में मददगार होता है।

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पेयू इंडिया के प्रबंध निदेशक जितेंद्र गुप्ता के लिए आजादी का मतलब एक बाॅस के तौर पर एक एेसा माहौल तैयार बनाना है जहां सभी कर्मचारी स्वच्छंदता से अपना काम कर सकें। यही संस्था के लिए बेहतर होता है। हर कर्मचारी को इस बात की अाजादी मिलनी जरुरी है कि वो अपने आइडिया ला सकें, फैसले लें सकें आैर अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा सकें।


भारतीय क्रिकेट को अपनी कप्तानी में कर्इ बड़ी उपलब्धिया दिलाने वाले अब कारोबार में भी अपनी किस्मत आजमा रहे पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए भी आजादी के अपने मायने हैं। अाजादी को लेकर एम एस धोनी का कहना है कि टीम की चुनाव, बैटिंग आॅर्डर अौर गेंदबाजाें को लेकर फैसले लेना उनके लिए सबसे बड़ी आजादी रही है। एक अच्छे कप्तान के लिए रह टीम अच्छी होती है। बस जरूरत होती है कि वो उसे अपने हर खिलाड़ी की काबिलियत में विश्वास हो। तभी अाप उनके हौसले काे बढ़ सकते हैं आैर तभी अाप बेहतर प्रदर्शन करते हो।

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