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विजय माल्या ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा, संपत्ति जब्त करने से बैंकों को नहीं होगा कोई फायदा

हाईकोर्ट में पीएमएलए के तहत भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने को दिया है चुनौती। कोर्ट में विजय माल्या के पक्ष में उसके वकील अमित देसाई ने रखी बात। ईडी ने विजय माल्या के वकील को दिया जवाब।
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Vijay Mallya

विजय माल्या ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा, संपत्ति जब्त करने से बैंकों को नहीं होगा कोई फायदा

नई दिल्ली। भगौड़ा आर्थिक अपराधी विजय माल्या ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा कि भगौड़ा आर्थिक अपराधी कानून ( FEOA ) बहुत कठोर है और इसके तहत उसकी संपत्तियां जब्त करने से उधारकर्ताओं को फायदा नहीं मिलेगा। पिछले माह ही विजय माल्या ने हाईकोर्ट में प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट ( PMLA ) के तहत उसे भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने के फैसले को चुनौती दिया था।


माल्या के वकील ने दो जजों की बेंच से कही ये बात

इस कानून के तहत, यदि एक बार किसी को भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया जाता है तो जांच एजेंसियों द्वारा उसकी संपत्ति को जब्त किया जा सकता है। विजय माल्या के केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय ( enforcement directorate ) कर रहा है। माल्या के वकील अमित देसाई ने सोमवार को न्यायधीश आईए महंती और एएम बदर की बेंच को कहा कि प्रवर्तन निदेशाल द्वारा संपत्तियां जब्त करने से उधारकर्ताओं को फायदा नहीं होने वाला है।


ईडी ने क्या कहा

देसाई ने कहा, "संपत्ति जब्त करना कठोर है। समय की नजाकत यह है कि बैंक व क्रेडिटर्स के लिए कुछ रास्ता निकाला जाए। माल्या नहीं चाहते की उनकी संपत्ति उन्हें वापस दिया जाए। हमारा यह कहना है कि सरकार द्वारा संपत्तियों जब्त करने से बैंकों का समाधान नहीं निकलने वाला है।" वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि इस कानून का औचित्य यह है कि उस शख्स से रिटर्न सुनिश्चित किया जाए जिन्होंने देश को आर्थिक तौर पर धोखा दिया।

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