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बोलने वाले एआइ रोबोट को कोविड-19 के लिए लोगों की मदद करने का समाधान माना जा रहा है

कोरोना वायरस के चलते वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों की बैंडविड्थ और प्रभावशीलता को परीक्षण के लिए रखा गया है क्योंकि पूरी दुनिया में नोवेल कोरोनवायरस का कहर जारी है। सरकारें अपने नागरिकों को वर्तमान चिकित्सा स्थिति के बारे में जानकारी देने की कोशिश में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अब यह पहले से ज्यादा महत्चपूर्ण हो गया है क्योंकि कुछ महीने पहले तक दुनिया कोरोना वायरस के बारे में जानती तक नहीं थी।

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जयपुर

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Mohmad Imran

Apr 15, 2020

बोलने वाले एआइ रोबोट को कोविड-19 के लिए लोगों की मदद करने का समाधान माना जा रहा है

बोलने वाले एआइ रोबोट को कोविड-19 के लिए लोगों की मदद करने का समाधान माना जा रहा है

कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले रोबोट भी काम पर
लोगों को अपडेट रखने और कोरोना वायरस के बारे में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस गुण को पहचानते हुए कुछ संगठन बातचीत करने वाले कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले स्मार्ट रोबोट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। वैश्विक संगठनों को उम्मीद कर रहा है कि वे इस प्रौद्योगिकी का उपयोग करके लोगों के प्रति अपनी जवाबदेही में सुधार कर सकते हैं। दरअसल लोगों तक सही और सटीक जानकारी देने केलिए पारंपरिक मीडिया, वेब, एसएमएस या ईमेल के माध्यम से फैल रही कोरोना संबंधी भ्रांतियों को रोकना भी एक बड़ी चुनौती बन गई है। द नेक्स्ट वेब संस्था का कहना है कि कोविड-19 के बारेमें जानकारी लेने के लिए आपातकालीन कॉलसेंटर्स पर लगातार फोन कॉल आते रहते हैं जिन्हें ऑपरेटर्स के लिए संभालना मुश्किल है।

इसलिए इन मुट््रठीभर सरकारी स्वास्थ्य संगठनों ने अब एआई का रुख किया है। ये एआई व्यक्तिगत जुड़ाव भी देते हैं। इससे घर से काम कर रहे या स्वास्थ्य कारणों से अनुपस्थित कर्मचारियों की कमी को पूरा कर इन कॉल सेंटरों को अपनी पूर्ण क्षमता पर काम करने में मदद करता है। इससे 300 कर्मचारियों की जगह ५० कर्मचारियों से भी काम चलाया जा सकता है। इतना ही नहीं इन रोबोट्स को फ्रंटलाइन में काम करने के लिए इन वर्चुअल असिस्टेंट को भी नियुत किया जा सकता है। एआई एक संवादात्मक तंत्र प्रदान करता है जो सभी को यह जानकारी दे सकता है कि सरकारें महामारी को कैसे संभाल रहे हैं।