Sawarn Bharat Band Andolan : प्रदशर्न कर जताया विरोध, SC-ST Act पर सरकार को जमकर कोसा

Sawarn Bharat Band Andolan :  प्रदशर्न कर जताया विरोध, SC-ST Act पर सरकार को जमकर कोसा

Ashish Pandey | Publish: Sep, 06 2018 03:52:39 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

Bharat Band Andolan in UP : एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) में संशोधन के विरोध में गुरुवार को देश भर में कई सवर्ण संगठनों ने Bharat Bandh Andolan का ऐलान किया था। इस बंद का उत्तर प्रदेश में भी कहीं अधिक तो कहीं कम असर देखने को मिला।

लखनऊ. एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में गुरुवार को देश भर में कई सवर्ण संगठनों ने Sawarn Samaj Bharat Bandh Andolan का ऐलान किया था। इस बंद का उत्तर प्रदेश में भी कहीं अधिक तो कहीं कम असर देखने को मिला। लखनऊ, जालौन, चित्रकूट, औरैया, इटावा, मैनपुरी, एटा, आगरा, वाराणसी सहित कई जिलों भारत बंद का असर देखने को मिला। इस दौरान लोगों ने भाजपा की मोदी सरकार का जमकर विरोध जताया, कई जिलों में दुकानें बंद रहीं तो कई जगहों पर सवर्ण समाज के लोगों ने दुकाने बंद करा दी। इस को लेकर नोकझोंक भी कई जिलों में हुआ। राजधानी लखनऊ समेत सूबे के कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया। पुराने लखनऊ का चौक बाजार, अमीनाबाद, आलमबाग मार्केट में आधी से ज्यादा दुकानें बंद रहीं। वहीं कई व्यापारियों ने भी इसके विरोध में अपनी दुकानें बंद कर रखी थीं। बता दें कि इसी साल 2 अप्रैल को SC-ST Act में बदलाव को लेकर दलितों ने भारत बंद बुलाया था, उस दौरान जमकर हिंसा, आगजनी और तोडफ़ोड़ हुई थी। इसी कारण प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने को कहा था।

लखनऊ में यहां हुआ प्रदर्शन
राजधानी लखनऊ में इंदिरा भवन, जीपीओ, इंजीनियरिंग कालेज, पुरनिया चौराहा आदि जगहों पर सवर्ण समाज के लोगों ने अर्धनग्र होकर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। इस दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

कई जगह लगी धारा 144

बता दें कि भारत बंद के के कारण कई जिलों में Dhara 144 लगा दी गई है। इलाहाबाद, आजमगढ़, गोरखपुर, कानपुर, आगरा, मथुरा, मेरठ, कासगंज, हापुड़, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर समेत तमाम जिलों के पुलिस कप्तानों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया। सभी जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षकों को प्रदर्शन और बंद पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का आगरा दौरा भी रद्द हो गया। वहीं औरैया जिले में एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज के संगठनों ने बाजार बंद करा दिया। औरैया तहसील पूरी तरह बंद रहा। वहीं, व्यापार मंडल व सवर्ण समाज ने जुलूस निकालकर विरोध जताया है।

कानपुर जिले में भी Bharat Bandh को लेकर पुलिस अलर्ट थी। प्रमुख बाजारों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। रेलवे स्टेशनों पर भी अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाई गई थी। लखनऊ में प्रशासन हाई अलर्ट पर था। यहां हजरतगंज सहित तमाम जगहों पर फोर्स तैनात रही। बाराबंकी में भारत बंद को देखते हुए जिला मुख्यालय पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।

चित्रकूट में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। कस्बाई व ग्रामीण क्षेत्रों में भी सवर्णों ने बंद का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार को चेताया कि इस काले कानून पर पुन: विचार करें। मुख्यालय सहित पूरे जनपद में भारत बंद के तहत प्रमुख बाजार बंद रहे। इस दौरान जुलुस निकालते हुए लोगों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस काले कानून को तानाशाही का प्रतीक बताते हुए सरकार को चेतावनी दी गई। सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के समाज ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।

जालौन में भी भारत बंद का असर कई इलाकों में देखने को मिला। सबसे ज्यादा असर जनपद के उरई शहर में देखने को मिला यहाँ सवर्ण समाज के बैनर तले करणी सेना, ब्राह्मण समाज और ओबीसी समाज के लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। मोदी सरकार के खिलाफ जमकर हंगामा करते हुये दुकानों को बंद कराया।
सवर्ण समाज के लोगों ने एक दिन पहले ही सभी से आग्रह किया था कि भारत बंद के दौरान पूरा बाजार बंद रहेगा लेकिन कुछ दुकानदार दुकान खोले मिले जिस पर बंद का विरोध करने वालों की दुकानदार से तीखी झड़प के साथ मारपीट भी हुयी। सवर्ण समाज के लोगों ने उरई मुख्यालय स्थित भाजपा कार्यालय को भी बंद करा दिया और भाजपा कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया। इस हंगामा को देख पुलिस ने मामले को शांत कराया और भाजपा कार्यालय को बंद करा दिया। इस बंदी के दौरान कुछ युवाओं ने स्टेशन पर जाकर ट्रेन रोकने की भी कोशिश की लेकिन पुलिस बल ने किसी युवा को स्टेशन परिसर में घुसने नहीं दिया और सभी को वहाँ से खदेड़ दिया। बंद के दौरान उरई में कुछ युवाओं ने अर्धनग्न होकर भी प्रदर्शन किया।
क्या है मामला
SC-ST Act के विरोध में भारत बंद का समर्थन करने वाले सवर्ण समाज के लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने इसमें संशोधन किया था और कहा था कि पहले मामले की जांच होगी और उसके बाद गिरफ्तारी, लेकिन मोदी सरकार ने इसमें पहले गिरफ्तारी का आदेश वाला कानून बना दिया यह सवर्ण समाज के लिये सबसे घातक और इसका विरोध लगातार चलता रहेगा। सवर्ण समाज की आगुवानी करने वाले अनुज मिश्रा ने कहा कि जब तक इसमें बदलाव नहीं होगा आंदोलन जारी रहेगा और सरकार ने इसमें बदलाव नहीं किया तो सवर्ण समाज आत्मदाह करके अपना विरोध करेंगे और ऐसी सरकार को उखाड़ फेकेंगे।

 

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