सपा सरकार की रुकी 20 हजार भर्तियां अब होंगी

आयोग ने कहा पुरानी व्यवस्था को किया दुरुस्त

 

By: Anil Ankur

Published: 10 Feb 2018, 08:23 AM IST

लखनऊ । अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने विजिलेंस जांच की वजह से रुकी हुई 20,325 पदों की भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है। शुक्रवार को हुई आयोग की दूसरी बैठक में निर्णय लिया गया कि जांच जारी रहेगी लेकिन, भर्ती प्रक्रिया को नहीं रोका जाएगा।
बताते चलें कि सपा शासन में आयोग ने विभिन्न विभागों के के 20,335 पदों पर भर्ती की थी। इसमें भ्रष्टाचार की तमाम शिकायतें सामने आई थीं। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद इन नियुक्तियों की विजिलेंस जांच का फैसला किया था। इसके बाद से पूरी प्रक्रिया ठप पड़ी थी।
हाल ही नियुक्त अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष सीबी पालीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में शुक्रवार को अभ्यर्थियों के हितों को देखते हुए प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया। 1आयोग के गठन के बाद हुई इस दूसरी बैठक में कई और निर्णय भी किए गए। कई विभागों की अलग-अलग होने वाली परीक्षाओं की संख्या को कम करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। पालीवाल ने बताया कि सेवा नियमावली के अलग-अलग नियमों की वजह से आयोग को अब तक कई विभागों की अलग-अलग परीक्षाएं करानी पड़ती थी। यह पाया गया कि सभी भर्तियां की हैं और उनके वेतन बैंड भी लगभग बराबर हैं।
बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक एक अध्ययन कराकर यह तय किया जाएगा कि किन-किन विभागों की परीक्षाएं एक साथ कराई जा सकती हैं। प्रारूप उप्र लोक सेवा आयोग की पीसीएस-लोअर परीक्षाओं जैसा होगा।

हाल ही नियुक्त अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष सीबी पालीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में शुक्रवार को अभ्यर्थियों के हितों को देखते हुए प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया। 1आयोग के गठन के बाद हुई इस दूसरी बैठक में कई और निर्णय भी किए गए। कई विभागों की अलग-अलग होने वाली परीक्षाओं की संख्या को कम करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। पालीवाल ने बताया कि सेवा नियमावली के अलग-अलग नियमों की वजह से आयोग को अब तक कई विभागों की अलग-अलग परीक्षाएं करानी पड़ती थी। यह पाया गया कि सभी भर्तियां की हैं और उनके वेतन बैंड भी लगभग बराबर हैं।

 

Anil Ankur Desk/Reporting
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