नौकरशाही पर लगाम : अफसरों के निलंबन के बाद अब तबादले का दौर

तीन आईएएस समेत चार पीसीएस अफसरों के तबादले.

 

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Published: 15 Nov 2018, 05:28 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेलगाम नौकरशाही के पेंच कसने शुरू कर दिए हैं। बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुधवार को तेरह अधिकारियों को निलंबित किया गया था। बुधवार को कानून-व्यवस्था संभाल न पाने और अपराध नियंत्रण न कर पाने वाले अफसरों पर गाज गिरी। मुख्यमंत्री ने कई आईएएस और आईपीएस को स्थानांतरित कर दिया। गाजियाबाद में दो करोड़ की लूट की घटना के बाद बुधवार शाम को एसपी को हटा दिया। गुरुवार को भी कई आईएएस और पीसीएस अफसरों पर गाज गिरी। सूचना विभाग के एक अधिकारी को बाध्य प्रतीक्षा में भेज दिया गया।

बतादें कि पिछले दिनों गोमती नगर में दिनदहाड़े गोली मार कर लूट, बुधवार को दिनहाड़े हुई लूट समेत कई प्रदेश में कई ऐसी अपराधिक घटनाओं ने सरकार की खूब किरकिरी कराई है। ताबड़तोड़ हो रही अपराधिक घटनाओं से योगी सरकार पर विरोध हमलावर हैं। अब योगी सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। गाजियाबाद में दो करोड़ की लूट के बाद एसपी हो हटाने, गुरुवार को कई अफसरों के तबादले से तो यही लग रहा है कि अब योगी सरकार अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए फिर से कमर कस चुकी है।

क्यों उठा रहे कदम
प्रदेश की स्वच्छ सरकार के दावे को साबित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी अब एक्शन में दिख रहे हैं। कहा जा रहा है कि अब वे उन नेताओं की भी नहीं सुन रहे हैं जो उन पर बेवजह दबाव बनाते थे। सूत्रों का दावा है कि योगी के एक्शन में उनके मंत्रीमंडल के एक मंत्री जो अक्सर सरकार के खिलाफ ही बयानबाजी करते रहे हैं वे भी लपेटे में आ सकते हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए विवेक हत्याकांड के बाद पुलिस को लेकर लोगों में भारी रोष था, उसके बाद भी सूबे में कई ऐसी घटनाएं हुईं जिसको लेकर कानून-व्यवस्था पर विपक्षी दल सरकार को घेरते रहे। अब योगी सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। सपा सरकार के राज में कानून-व्यवस्था को को लेकर अक्सर सवाल उठाने वाली भाजपा अब सत्ता में है। ऐसे में भाजपा सरकार के समय कानून-व्यवस्था को लेकर अब विरोधी दल हमलावर हैं। उनका कहना है कि भाजपा जब सत्ता में नहीं थी तो वह कानून-व्यवस्था को लेकर अक्सर सपा और अखिलेश यादव पर हमला बोलती रहती थी। अब भाजपा सत्ता में है उसके बाद भी न अपराध पर लगाम लगा, न अपराधियों पर और न ही भ्रष्टाचार पर। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून-व्यवस्था पर किसी भी तरह की कोताही करने वाले अफसरों को किसी तरह से छोडऩे वाले नहीं हैं।

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तीन आईएएस समेत चार पीसीएस अफसरों के तबादले
लखनऊ. योगी सरकार ने गुरुवार को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तीन आईएएस व चार पीसीएस अफसरों के तबादले कर दिए। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक डॉ. उज्ज्वल कुमार को नगर निगम इलाहाबाद का नगर आयुक्त बनाया गाय है। जबकि, वित्त विभाग के विशेष सचिव यशु रस्तोगी को वाणिज्य कर मुख्यालय, लखनऊ का अपर आयुक्त बनाया गया है। वहीं, ज्ञानेश्वर त्रिपाठी को अपर निदेशक, सूचना निदेशालय से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया गया है।
इसके अलावा, चार पीसीएस अफसरों के भी तबादले कर दिए गए हैं। जिसमें शिशिर को विशेष सचिव, भाषा विभाग, अति. कार्य. निदेशक, हिंदी संस्थान/संस्कृति/विशेष सचिव, संस्कृति विभाग को उनके इन विभागों के साथ ही सूचना निदेशालय के निदेशक का भी अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वाराणसी के अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार राय को वर्तमान पद से हटाकर अपर आयुक्त, इलाहाबाद मण्डल, सतीश पाल को संयुक्त सचिव,श्रम विभाग, सचिव, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को अपर जिलाधिकारी, वाराणसी के पद पर तैनात किया गया है। नगर निगम, इलाहाबाद के नगर आयुक्त अविनाश सिंह को विशेष सचिव, गृह विभाग के पद पर स्थानान्तरित किया गया है।

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