अपने नेताओं को अखिलेश देंगे ट्रेनिंग, सिखाएंगे कब बोलें कब चुप रहे

अपने नेताओं को अखिलेश देंगे ट्रेनिंग, सिखाएंगे कब बोलें कब चुप रहे

Mahendra Pratap | Publish: Sep, 08 2018 12:09:33 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

गोरखपुर, फूलपुर और कैराना में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से अखिलेश यादव एक्शन मोड में हैं

लखनऊ. गोरखपुर, फूलपुर और कैराना में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से अखिलेश यादव एक्शन मोड में हैं। भाजपा को हराने के लिए सपा-बसपा ने गठबंधन किया। लेकिन शायद इतना काफी नहीं है। रविवार 9 सितम्बर को पार्टी की ओर से एक ट्रेनिंग सत्र का आयोजन किया गया है, जिसमें सपा अपने नेताओं को सही बोलने के गुर सिखाएगी। यानी कि उन्हें कब बोलना है और कब चुप रहना है। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि उनके किन मुद्दों पर बोलने से विवाद हो सकता है जिससे बचा जाए।

राय साहब देंगे टिप्स

ट्रेनिंग सत्र में पीपीटी प्रेजेंटेशन के जरिये ट्रेनिंग मिलेगी। इसमें सभी को यह बताया जाएगा कि किस विषय पर उन्हें बोलना है। इसी के साथ विशेषज्ञ नेताओं को बताएंगे कि कौन-कौन से विषय कब विवादित हुए, जिससे पार्टी को नुकसान झेलना पड़ा था। इसमें अखिलेश यादव की पार्टी के 'राय साहब' भी टिप्स देंते नजर आएंगे।

इन विषयों पर साधेंगे चुप्पी

ट्रेनिंग सत्र के लिए तय हुआ है कि गठबंधन पर कोई भी नेता बयान नहीं देगा। न ही कोई किसी चैनल के डिबेट में हिस्सा लेगा। एससी-एसटी एक्ट संशोधन पर कोई कुछ नहीं बोलेगा। हिंदू-मुसलमान के सवाल से भी पार्टी प्रवक्ता दूर रहेंगे। सपा के सभी प्रवक्ता मीडिया में बीएसपी सुप्रीमो मायावती के बारे में हमेशा अच्छा ही बोलेंगे।

कहीं नाराज न हो जाएं बुआजी

आगामी चुनाव से पहले विपक्षी दल बीजेपी की हर कड़ी को कमजोर करने में लगी है। उन्हें किसी भी तरह से फायदा न हो इसके लिए अखिलेश यादव रिस्क लेने के मूड में नहीं। तीन तलाक मुद्दे पर भी समाजवादी पार्टी के नेताओं को कोई भी बयान देने से मना किया गया है। किसे क्या बोलना है कब बोलना है इन सारी बातों के लिए बकायदा एक गाइडलाइन बनवाया गया है। मीटिंग में जो भी अहम मुद्दे पर बात होगी वो अखिलेश ही बोलेंगे।

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