सभी यूनिवर्सिटी का एक जैसा होगा कैलेंडर, केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने की भी तैयारी!

Prashant Srivastava

Publish: Jun, 14 2018 07:28:40 PM (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
सभी यूनिवर्सिटी का एक जैसा होगा कैलेंडर, केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने की भी तैयारी!

सूबे की योगी सरकार स्कूली शिक्षा से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा देने के प्रयास में जुट गई है।

लखनऊ. सूबे की योगी सरकार स्कूली शिक्षा से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा देने के प्रयास में जुट गई है। गुरुवार को डॉ दिनेश शर्मा ने उच्च और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठ की जिसमें केजी से पीजी तक की शिक्षा कैसे मुफ्त की जाए इसक पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा उच्च और माध्यमिक शिक्षा विभाग का सत्र नियमित रहे इस पर भी चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों का एक समान शैक्षिक कैलेंडर होगा।

जानें क्या बोले डिप्टी सीएम

मुफ्त शिक्षा को लोकेर डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। कमेटी का प्रस्ताव आने के बाद अगले साल से इस योजना को लागू करने का प्रयास किया जाएगा। डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि मुफ्त शिक्षा के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि अब माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग में सभी छात्रों से दाखिले के समय आधार नंबर लेने की तैयारी की जा रही है।

अब होगा एक ही शैक्षिक कैलेंडर

इसके अलावा बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों का एक समान शैक्षिक कैलेंडर होगा. सभी विश्वविद्यालय 5 जुलाई से शिक्षकों को बुलाएंगे और 10 जुलाई से कक्षाएं चलेंगी जहां एनुअल मोड में पढ़ाई होती है, वहां 5 मार्च से 30 अप्रैल के बीच परीक्षाएं कराकर 5 जून तक रिजल्ट घोषित करना होगा। वहीं सेमेस्टर मोड में नवंबर चौथे सप्ताह से ऑड सेमेस्टर और 10 मई तक इवेन सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी । वहीं अब सभी विश्वविद्यालयों में 15 मई से समर वेकेशन शुरू होगी।

दीक्षांत समारोह का समय भी तय

डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि सभी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह अब सितंबर और अक्टूबर के दौरान होंगे। वहीं बैठक में यह भी फैसला हुआ कि सभी विश्वविद्यालयों में पीएचडी के लिए कॉमन ऑर्डिनेन्स तैयार कराया जाएगा। इसके लिए 5 कुलपतियों की समिति बनाई गई है। इसमें लखनऊ, फैजाबाद, कानपुर और आगरा विश्वविद्यालय के अलावा एकेटीयू के कुलपति भी शामिल हैं।

बनेगा डाटा बैंक

अब सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों और वहां के शिक्षकों का डाटा बैंक बनाया जाएगा जो आधार से लिंक होगा. इसकी जिम्मेदारी एकेटीयू को दी गई है. डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि जिस तरह निजी स्कूलों के लिए शुल्क नियंत्रण अध्यादेश लगाया गया है वैसे ही सेल्फ फाइनेन्स डिग्री कॉलेजों की फीस पर भी लगाम लगाई जाएगी।

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