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‘लिव इन’ रिलेशन में रह रही महिला को सुरक्षा देने से हाईकोर्ट का इनकार

Allahabad Highcourt Refuses to give Security to Couple in Live IN- इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) ने दूसरे व्यक्ति के साथ लिव इन (Live IN) में रहने वाली एक शादीशुदा महिला को सुरक्षा देने की याचिका से इंकार कर दिया।
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लखनऊ

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Karishma Lalwani

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Updated: 7 Aug 2021, 5:31 PM IST

Allahabad Highcourt

Allahabad Highcourt

लखनऊ.Allahabad Highcourt Refuses to give Security to Couple in Live IN. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) ने दूसरे व्यक्ति के साथ लिव इन (Live IN) में रहने वाली एक शादीशुदा महिला को सुरक्षा देने की याचिका से इंकार कर दिया। जस्टिस जेके ठाकुर और जस्टिस सुरेश चंद की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा, “हम ऐसे व्यक्तियों को सुरक्षा देने के खिलाफ नहीं हैं जो अन्य समुदाय, जाति के व्यक्ति के साथ रहना चाहते हैं।” दरअसल, याचिकाकर्ता अनीता ने आरोप लगाया था कि उसका पति उससे मारपीट करता है। जिसकी वजह से उसने उसे छोड़ दिया और अपने साथी के साथ रहना शुरू कर दिया। लेकिन उसका पति वहां भी उसे परेशान करने आ गया और उनके शांतिपूर्ण जीवन में बाधा उत्पन्न की। इसी को लेकर अनीता ने याचिका दाखिल की थी।

याचिकाकर्ता पर पांच हजार का जुर्माना

अदालत ने अनीता की याचिका को इंकार करते हुए कहा कि अगर याचिकाकर्ता अनीता से कानूनी रूप से विवाह करने वाला देवेंद्र कुमार अपनी पत्नी के साथी (दूसरे याचिकाकर्ता) के घर में जबरदस्ती घुसकर परेशान करता है तो यह आपराधिक विवाद के दायरे में आता है जिसके लिए अनीता पुलिस के पास जा सकती है। हालांकि, हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पहले से विवाहित और कानून का पालन करने वाला कोई भी व्यक्ति अवैध संबंध के लिए इस अदालत से सुरक्षा की मांग नहीं कर सकता क्योंकि अवैध संबंध इस देश के सामाजिक ताने बाने के दायरे में नहीं आता। वहीं पति के साथ उसके मतभेदों के आरोपों पर कहा कि अगर अनीता का अपने पति से कोई मतभेद है तो उसे सबसे पहले अपने पति से अलग होने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी। अदालत ने अनीता और उसके साथी द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए उन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

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