
आशा बहू और आंगनबाड़ी वर्कर्स का मानदेय दोगुना, अब कम से कम 4500 सैलरी
लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा बहू और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय दोगुना कर दिया है। इससे आशा वर्कर्स (Asha Bahu), आगंनबाड़ी वर्कर्स (Anganwadi Workers) और एएनएम जैसी कार्यकर्ताओं की जिंदगी में सुधार आएगा। यह सभी उप्र के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हेल्थ एक्टीविटीज से जुड़ी हैं। नए नियम के अनुसार अब अक्टूबर माह 2018 से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कम से कम 4500 रुपए मानदेय मिलेगा। अर्थात नवंबर 2018 से नया पैसा या तनख्वाह या मानदेय मिलेगा। पहले उन्हें 3000 रुपए मिलते थे। इसी तरह पहले जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 2250 रुपए मानदेय मिलता था अब उन्हें 3500 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 1500 रूपए के स्थान पर 2250 रूपए प्रतिमाह मिलेंगे। मानदेय की बड़ी राशि केंद्र सरकार देगी। इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं की पांच लाख तक निशुल्क बीमा सुविधा का लाभ दिया गया है।
आशा वर्कर्स को अब फ्री में पेंशन सुविधा
आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने के अलावा अब आशा वर्कर्स को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना मुफ्त में दी जाएगी। इस तरह उन्हें निशुल्क पेंशन मिलेगी। दो-दो लाख की इन दोनों बीमा योजनाओं के तहत किसी भी तरह का प्रीमियम आशा बहू को नहीं देना होगा। इसका पूरा खर्च केंद्र और राज्य सरकार उठाएगी। आशा बहू को स्मार्टफोन भी केंद्र सरकार देगी। ताकि वे रजिस्टर की जगह स्मार्टफोन पर इंट्री कर सकें।
आशा बहू का कमीशन भी बढ़ा
आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि को दोगुणा कर दिया गया है। गौरतलब है कि आशा बहू को कोई फिक्स मानदेय प्रतिमाह नहीं मिलता है। आशा बहू को प्रति केस राशि मिलती है। यानी एक डिलीवरी कराने पर कम से कम 500 रुपए मिलते हैं। पहले जहां एक गर्भवती महिला के पास 42 दिनों में 6 बार आशा वर्कर्स को जाना होता है वहीं अब पह 11 महीने में 15 बार बच्चे और प्रसूता के घर जाएगी। इस तरह प्रति विजिट 500 रुपए मिलेंगे। पहले उसे प्रति प्रसूता 3000 रुपए मिलते थे अब प्रति प्रसूता 7500 रुपए मिलेंगे। आशा कार्यकर्ता जितने ज्यादा केसेस करेगी उसे उतना कमीशन मिलेगा। इससे राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम को मदद मिलेगी।
जानिए आशा बहू की अब कितनी होगी सैलरी
आशा बहू को नए नियम के अनुसार प्रतिमाह कम से कम एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। अलावा स्वास्थ्य योजनाओं को क्रियान्वयन के बदले मिलने वाली धनराशि भी डेढ़ से लेकर दो गुनी हो गयी है। टीकाकरण व गर्भवती माताओं को सुविधाएं देने पर पहले आशा बहुओं को 150 रुपये मिलते थे अब 200 रुपये मिलेंगे। ब्लाक स्तरीय मीटिंग में शामिल होने पर 100 रुपये मिलते थे अब 150 रुपये मिलेगा। गांव में किशोरियों व गर्भवती महिलाओं की बैठक पर अब प्रतिमाह 150 रुपये मिलेंगे। अभिलेखों के रखरखाव व अपडेट रखने पर 500 रुपये प्रतिमाह मिलेगा। पहले यह धनराशि एक वर्ष में 750 रुपये ही थी। इन चारों को मिलाकर एक हजार रुपये प्रतिमाह सीधे उनके खाते में पहुंचेगा। टीवी मरीज को दवा खिलवाने पर 250 रुपये से 2500 रुपये पहले इन्हें मिलता था। अब इन्हें 1000 से 5000 रुपये मिलेगा। कुष्ठ रोगी का इलाज कराने पर पहले 300 से 500 रुपये प्रति मरीज मिलते थे। अब 650 रुपये से 850 रुपये तक मिलेंगे। मलेरिया के रक्त स्लाइड बनाने पर पहले प्रति स्लाइड 5 रुपये मिलते थे। अब 15 रुपये प्रति स्लाइड मिलेगा। मलेरिया पाजिटिव पाए जाने पर व पूर्ण उपचार देने पर पहले 20 रुपये मिलते थे। अब उन्हें 75 रुपये प्रति मरीज मिलेंगे। हाइड्रोसील व फाइलेरिया से ग्रसित मरीजों की सूची बनाने पर 200 रुपये दिए जाएंगे। प्रसव के उपरांत महिला को कापर-टी लगवाने पर 150 रुपये का उत्साहवर्धन किया जाएगा।
Published on:
14 Sept 2018 05:19 pm
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