बाबरी मामला: कोर्ट की तरफ़ जाने वाले सभी रास्ते बंद, अयोध्या से लेकर मथुरा तक बेहद चौकसी

अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस किए जाने पर आज फैसला सुनाया जाना है। करीब 28 साल के इंतजार के बाद एतिहासिक फैसला सुनाया जाना है। फैसले की संवेदनशीलता के मद्देनजर अयोध्या समेत पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

By: Karishma Lalwani

Published: 30 Sep 2020, 08:52 AM IST

लखनऊ. अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस किए जाने पर आज फैसला सुनाया जाना है। करीब 28 साल के इंतजार के बाद एतिहासिक फैसला सुनाया जाना है। फैसले की संवेदनशीलता के मद्देनजर अयोध्या समेत पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा के चाक चौबंध इंतजाम किए गए हैं। सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायधीश एसके यादव 32 आरोपियों के समक्ष सुबह 10 बजे फैसला सुनाएंगे। कुछ आरोपी निजी तौर पर कोर्ट में मौजूद रहेंगे तो कुछ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

सभी संवेदनशील जिलों में सुरक्षा प्रबंध और मजूबत करने के लिए अतिरिक्त रूप से 70 कंपनी पीएसी की तैनाती की गई है। जिलों के पुलिस कप्तानों को सेक्टर व्यवस्था लागू करके सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि विध्वंस ढांचे के मामले में भाजपा के सीनियर लीडर लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत 49 लोगों को मुल्जिम बनाया गया है। इनमें से 17 की मौत हो चुकी है।

नजरबंद हो सकते हैं आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी

अयोध्या में सुरक्षा के खास इंतजाम किये गये हैं। आरोपियों के वकीलों के अनुसार पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी की उम्र का लिहाज करते हुए अदालत में निजी तौर पर उपस्थित रहने से छूट दी गयी है। वे वीडियाे कांफ्रेसिंग के जरिये अपनी मौजूदगी अदालत में दर्ज कराएंगे। इस दौरान उनके आवास के बाहर पुलिस तैनात रहेगी और अगर जरूरत पड़ी तो उन्हे घर में नजरबंद किया जा सकता है। इसी प्रकार कोरोना संक्रमण से ग्रसित मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती,यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के अलावा कोरोना से उबरने के बावजूद लगातार आक्सीजन पर चल रहे महंत नृत्य गोपाल दास अदालत में उपस्थित नहीं होंगे। मामले के आरोपी सतीश प्रधान समेत कुछ अन्य आरोपियों को भी बीमारी के कारण अदालत में मौजूद रहने से छूट दी गयी है।

प्रदेशभर में अलर्ट

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि अयोध्या में पहले से ही पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध हैं। मथुरा, वाराणसी तथा अन्य जिलों में भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। जगह-जगह पुलिस अफसर एक्टिव हैं। सोशल मीडिया की भी सघन निगरानी कराई जा रही है। जिलों के अलावा डीजीपी मुख्यालय के स्तर से भी सोशल मीडिया को मॉनीटर किया जा रहा है। छोटी-छोटी घटनाओं को बेहद गंभीरता से लेने और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

जुलूस आदि पर प्रतिबंध

अयोध्या के डीआईजी/एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि बुधवार को जिले में किसी भी तरह के जुलूस आदि पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत सोशल डिस्टेंसिंग का भी सख्ती से पालन कराया जाएगा। जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

ये भी पढ़ें: गरीब कल्याण रोजगार योजना में यूपी नंबर वन पर, दो अक्टूबर को बांटे जाएंगे पुरस्कार

ये भी पढ़ें: आखिर क्या है मथुरा में कृष्ण विराजमान का विवाद, जानिये अब तक का कानूनी इतिहास

ये भी पढ़ें: जन्मभूमि पर मालिकाना हक की लड़ाई, 30 को होगी श्रीकृष्ण विराजमान की याचिका पर सुनवाई

Ram Mandir
Show More
Karishma Lalwani
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned