बीजेपी ने तैयार किया महागठबंधन से निपटने का फॉर्मूला, विपक्ष को उन्हीं के 'हथियार' से मात देने की तैयारी

बीजेपी ने तैयार किया महागठबंधन से निपटने का फॉर्मूला, विपक्ष को उन्हीं के 'हथियार' से मात देने की तैयारी

Hariom Dwivedi | Publish: Sep, 06 2018 07:20:01 PM (IST) | Updated: Sep, 06 2018 07:27:28 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

सितंबर से ही भाजपाई शुरू करेंगे खास अभियान, सीएम योगी और डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने सौंपी जिम्मेदारी, अमित शाह लेंगे फीडबैक...

लखनऊ. आगामी लोकसभा चुनाव में विपक्षी एकता को मात देने के लिये बीजेपी आलाकमान ने दूसरे दलों से आने वाले नेताओं को पार्टी में शामिल करने पर अप्रत्यक्ष रूप से लगी रोक हटा दी है। इस फैसले से अब दूसरे दलों के तमाम छोटे-बड़े नेता बीजेपी में शामिल हो सकेंगे। यह सिलसिला 2019 के लोकसभा चुनाव तक जारी रहेगा। पार्टी के कर्ता-धर्ता इसी सितंबर महीने से दूसरे दलों के नेताओं के लिये बीजेपी के दरवाजे खोल देंगे। इसके अलावा शीर्ष नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि दूसरे दलों से आये तमाम छोटे-बड़े नेता बीजेपी के लिये सपा-बसपा और कांग्रेस के संभावित गठबंधन का तोड़ साबित होंगे। इसके लिए पार्टी आलाकमान दूसरे दलों से आये नेताओं की पार्टी संगठन में नामित पदों पर नियुक्ति करेगी। साथ ही इनके समर्थकों से केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने का वादा भी किया जाएगा। इनमें दूसरे दलों के समर्थकों को लोक कल्याण मित्र, आयुष्मान मित्र और स्वास्थ्य सलाहकार जैसे पदों पर नियुक्त करवाना भी शामिल है।

अमित शाह लेंगे फीडबैक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आने वाले दिनों में बूथ कमेटियों व पदाधिकारियों संग समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें वह इन पदाधिकारियों से फीडबैक लेंगे कि वे विपक्षी दलों के कितने समर्थकों को पार्टी में शामिल करने में सफल रहे। इस काम के लिये दूसरे दलों से आये बीजेपी के सांसदों व विधायकों को लगाया गया है।

दूसरे दलों में तोड़फोड़ की जिम्मेदारी इन पर
केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बीते दिनों 30 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने विधायकों संग मीटिंग की थी। सूत्रों की मानें तो इस मीटिंग में ही फाइनल हुआ है कि दूसरे दलों से आये नेताओं और कार्यकर्ताओं को विपक्षी दलों के नेताओं को बीजेपी में लाने की जिम्मेदारी सौंपी जाये।

इन योजनाओं से विपक्षी दलों के समर्थकों को रिझाएंगे
लोक कल्याण मित्र नियुक्त कर
आयुष्मान मित्र नियुक्त कर
जेल विजिटर नियुक्त कर
स्वास्थ्य सलाहकार नियुक्त कर
मुफ्त बिजली कनेक्शन
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाकर
मुफ्त गैस कनेक्शन दिलाकर

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