आजीवन कारावास की सजा सुनते ही कोर्ट से भागे भाजपा विधायक, तलाश में जुटी पुलिस

आजीवन कारावास की सजा सुनते ही कोर्ट से भागे भाजपा विधायक, तलाश में जुटी पुलिस

Nitin Srivastva | Publish: Apr, 19 2019 02:29:05 PM (IST) | Updated: Apr, 19 2019 02:29:06 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- 12 साल पहले पांच लोगों की हत्या का मामला
- भाजपा विधायक की तलाश में पुलिस ने दी दबिश
- तत्काल पुलिस कस्टडी में लेने का आदेश

हमीरपुर . भाजपा विधायक अशोक सिंह चंदेल और उनके साथी 12 साल पुराने एक मामले में हाईकोर्ट से आजीवन कारावास की सजा सुनते ही फरार हो गए। भाजपा विधायक की तलाश में पुलिस ने उनके आवास और कानपुर में दबिश की। कोर्ट ने विधायक और उनके साथियों को तत्काल पुलिस कस्टडी में लेने का आदेश दिया है।

 

पांच लोगों की हत्या का मामला

गौरतलब है कि हमीरपुर से भाजपा विधायक अशोक सिंह चंदेल और नौ लोगों पर 12 साल पहले पांच लोगों की हत्या का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बताया जाता है कि सजा सुनाते वक्त विधायक कोर्ट में ही थे। सजा सुनते ही वह फरार हो गए। इसके बाद पुलिस में हडक़ंप मच गया। इसकी जानकारी कोर्ट को हुई तो पुलिस को तत्काल विधायक को कस्टडी में लेने का आदेश दिया गया।

 

यह है मामला

विधायक अशोक सिंह चंदेल 26 जनवरी 1997 को हमीरपुर में दिनदहाड़े पांच लोगों की हत्या के मामले में आरोपी हैं। मृतकों में एक नौ साल का बच्चा भी शामिल था। इसी दिन शाम को 7.30 बजे अभियुक्त नसीम की दुकान के सामने पीडि़त पक्ष की जोंगा रोककर पुरानी रंजिश के चलते राजेश शुक्ल, राकेश शुक्ल, अम्बुज उर्फ गुड्डा, वेद नायक और श्रीकांत पांडेय की हत्या कर दी थी। इस घटना में राजीव कुमार शुक्ल (वादी), रविकांत पांडेय, विपुल, चंदन और हरदयाल घायल हो गए थे।

 

कानपुर में भी हत्या के मामले में आरोपित

विधायक अशोक सिंह चंदेल तो कानपुर के किदवई नगर में कारोबारी रणधीर गुप्ता की दिनदहाड़े हत्या के मामले में भी आरोपित है। उसके ऊपर सीओ के साथ दबंगई दिखाने का मामला गोविंद नगर थाने में दर्ज है।

 

एक बार सांसद और चार बार विधायक रहे

अशोक चंदेल का जन्म हमीरपुर के कुरौरा गांव हुआ था। शिक्षा-दीक्षा के लिए वह गांव से हमीरपुर आ गए और राजनीति में कूद गए। अशोक सिंह चंदेल 1989 में निर्दलीय विधायक चुने गए। इसके बाद 1993, 2008 में भी विधायक रहे। वर्ष 1999 में बसपा से सांसद चुने गए। इसके बाद वर्ष 2017 से भाजपा के टिकट से विधायक चुने गए। अशोक चंदेल लगभग सभी मुख्य दलों में रह चुके हैं और हर दल के बड़े-बड़े नेताओं से उनके अच्छे संबंध रहे हैं। 2017 में मोदी लहर को देख अशोक चंदेल भाजपा में शामिल हो गए। उस दौरान भाजपा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री उमा भारती समेत तामम भाजपा नेताओं ने इनका विरोध किया, लेकिन यूपी संगठन में बैठे नेताओं आगे उनकी एक नहीं चली थी।

 

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