Breaking- लखनऊ कोर्ट में बम ब्लास्ट, मची अफरा-तफरी, जांच में जुटी पुलिस

Breaking- लखनऊ कोर्ट में बम ब्लास्ट, मची अफरा-तफरी, जांच में जुटी पुलिस
Blast in Lucknow Civil Court

Shatrudhan Gupta | Publish: Oct, 04 2017 05:39:26 PM (IST) | Updated: Oct, 04 2017 08:44:59 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

पड़ोसी शहर कानपुर में धमाके के चंद घंटे बाद राजधानी की सिविल कोर्ट में भी विस्फोट हुआ।

लखनऊ. पड़ोसी शहर कानपुर में धमाके के चंद घंटे बाद राजधानी की सिविल कोर्ट में भी विस्फोट हुआ। यह धमाका अदालत की पहली मंजिल पर बने टॉयलेट के अंदर हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी गूंज संपूर्ण अदालत परिसर सुनी गई। धमाके के बाद पुलिस ने कचेहरी को घेरकर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई सबूत हाथ नहीं लगा। इस घटना को लेकर स्थानीय वकीलों में रोष है।

पहली मंजिल के टॉयलेट के लैश में रखा था विस्फोटक

प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि यह धमाका पहली मंजिल पर बने टॉयलेट के लैश के अंदर रखे विस्फोटक के कारण हुआ है। धमाके के कारण टॉयलेट में टाइल्स टूट गये, जबकि कुछ टुकड़े बाहर भी आकर गिरे। धमाके के बाद कुछ वकील दौड़कर मौके पर पहुंचे तो नजारा देखकर चौंक गए। खबर मिलते ही क्षेत्रीय पुलिस के साथ एसएसपी दीपक कुमार भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने कचेहरी को घेरकर चारों गेट पर तलाशी अभियान शुरू कराया, लेकिन कोई संदिग्ध नजर नहीं आया।

पुलिस ने कहा पटाखा था, वकील बोले, विस्फोटक था

सिविल कचेहरी में धमाके को पुलिस ने दबाने की कोशिश करते हुए दावा किया कि यह किसी पटाखे के कारण धमाका हुआ है। पुलिस के इस तर्क को वकीलों ने खारिज करते हुए कहाकि अव्वल पटाखे के कारण इतना जबरदस्त धमाका मुमकिन नहीं है। धमाके की गूंज पूरी कचेहरी में सुनी गई, जोकि पटाखे की आवाज नहीं हो सकती है। इसके अलावा वकीलों ने पुलिस की सुरक्षा पर सवाल उठाया है कि सिविल कोर्ट के चारों गेट पर पहरा लगता है, ऐसे में कोई भी व्यक्ति विस्फोटक लेकर सिविल कोर्ट के अंदर कैसे पहुंचा। वकीलों के इस सवाल पर एसएसपी दीपक कुमार ने जांच करने और लापरवाही करने वाले पुलिस कर्मचारियों को दंडित करने की बात कही है।

बम स्क्वायड और फोरेसिंक की टीम भी मौके पर पहुंची

वकीलों की नाराजगी के बाद एसएसपी ने बम स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी सिविल कोर्ट में बुला लिया है। शाम 5.30 बजे तक खबर लिखे जाने तक बम स्क्वायड की टीम कचेहरी के चप्पे-चप्पे में तलाशी अभियान में जुटी थी। फोरेंसिक टीम भी यह पड़ताल कर रही है कि विस्फोटक क्या था और उसकी ताकत कितनी थी।

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