सीएम का आदेश, 25 जून से खुल जाएं सभी स्कूल

सीएम का आदेश, 25 जून से खुल जाएं सभी स्कूल
cm order to open all school by June 25

Anil Ankur | Updated: 14 Jun 2019, 09:03:34 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

कैम्प कार्यालय बनाने की व्यवस्था तत्काल बन्द होनी चाहिए

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के उत्थान का सबसे बड़ा आधार होती है। राज्य की शिक्षा व्यवस्था को समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्षम होना चाहिए। उत्तर प्रदेश जनसंख्या के हिसाब से देश का सबसे बड़ा राज्य है। शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की अपनी विशिष्ट छवि रही है। यह राज्य शिक्षा का केन्द्र माना जाता था। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के उन्नयन के लिए आमूलचूल परिवर्तन हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। शिक्षा और आध्यात्मिक तथा सांस्कृृतिक क्षेत्र में प्रदेश की पहचान को पुनस्र्थापित करने के लिए जनपद स्तरीय शिक्षा अधिकारियों के साथ संवाद हेतु यह सम्मेलन आहूत किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा अधिकारियों को इस प्रकार कार्य करना चाहिए कि शिक्षा पद्धति में हो रहा बदलाव जनता को महसूस भी हो।

उच्च स्तर के अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित


मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन आॅडिटोरियम में बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में प्रदेश के समस्त बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी एवं उच्च स्तर के अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ अलग से बैठक होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अधिवेशन के पश्चात बेसिक शिक्षा मंत्री तथा अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा की बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ अलग से बैठक होगी। इसी प्रकार उप मुख्यमंत्री तथा अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा की जिला विद्यालय निरीक्षकों के साथ बैठक सम्पन्न होगी। उन्होंने कहा कि कार्याें के प्रभावी एवं सुचारु सम्पादन के लिए संवाद आवश्यक है। आज जिस प्रकार शासन के अधिकारियों द्वारा जनपद स्तरीय शिक्षा अधिकारियों से संवाद स्थापित किया जा रहा है, ऐसा ही संवाद जनपद स्तर पर भी अधिकारियों द्वारा स्थापित किये जाने की जरूरत है।

जैसे शिक्षक और शिक्षण संस्थान होंगे, वैसे ही छात्र-छात्राएं भी तैयार होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश, प्रदेश और समाज के भविष्य का निर्धारण शिक्षा अधिकारियों के हाथ में है। क्योंकि जैसे शिक्षक और शिक्षण संस्थान होंगे, वैसे ही छात्र-छात्राएं भी तैयार होंगे और वैसा ही देश का भविष्य बनेगा। हमें इस बात का ध्यान सदैव अपने कर्तव्यों के सम्पादन में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोक की व्यवस्था लोकलाज से चलती है। इसलिए हम सभी को जनमन की अपने प्रति राय को ध्यान में रखकर अपने दायित्वों का सम्पादन करना चाहिए। इससे हम अपने कार्याें में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

विद्यालयों में भी शैक्षिक कलेण्डर लागू किये जाने की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों की भांति महाविद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों तथा प्राथमिक विद्यालयों में भी शैक्षिक कलेण्डर लागू किये जाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने महापुरुषों की जन्म जयंती तथा पुण्यतिथि पर होने वाले अवकाशों को समाप्त किया है। इन अवसरों पर विद्यालयों में सम्बन्धित महापुरुषों के व्यक्तित्व एवं कृृतित्व के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराने की व्यवस्था की गई है। छात्र-छात्राओं को यह ज्ञान होना चाहिए कि राष्ट्रीय एकता और अखण्डता तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक उन्नयन में हमारे महापुरुषों ने किस प्रकार योगदान दिया है। इससे विद्यार्थियों की शिक्षण के प्रति रुचि बढ़ने के साथ ही सामान्य ज्ञान भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार के कार्यक्रम होली, दीपावली, जन्माष्टमी, रामनवमी, महाशिवरात्रि, ईद, क्रिसमस आदि पर्व और त्यौहारों के सम्बन्ध में भी होने चाहिए।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned