scriptCourt sentenced 6 months imprisonment and Rs 1100 fine BJP MP Rita Bahuguna Joshi for violating code of conduct in Lucknow | 12 साल पुराने मामले में भाजपा सांसद दोषी करार, नहीं मिले जमानतदार, 20 हजार के बंधपत्र पर रिहा | Patrika News

12 साल पुराने मामले में भाजपा सांसद दोषी करार, नहीं मिले जमानतदार, 20 हजार के बंधपत्र पर रिहा

locationलखनऊPublished: Feb 03, 2024 08:14:21 am

Submitted by:

Vishnu Bajpai

UP News: प्रयागराज से भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी को 12 साल पुराने मामले में कोर्ट ने छह महीने की सजा सुनाई है। साथ ही 11 सौ रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।

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Rita Bahuguna Joshi Punished: साल 2012 में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन मामले में भाजपा सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी पर दोष सिद्ध हो गया है। इसके बाद एमपी/ एमएलए कोर्ट लखनऊ के विशेष एसीजेएम अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने भाजपा सांसद को 6 महीने की जेल और 1100 रुपये के जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। मामला साल 2012 का है। उस समय डॉ. जोशी कांग्रेस की प्रत्याशी थीं। अभियोजन पक्ष की ओर से संयुक्त निदेशक वेद प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि चुनाव के स्टेटिक सर्विलांस मजिस्ट्रेट मुकेश चतुर्वेदी ने मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे के मुताबिक रीता बहुगुणा जोशी कैंट विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी थीं। 17 फरवरी 2012 को शाम करीब 6:50 बजे कृष्णानगर के बजरंग नगर क्षेत्र में जनसभा को संबोधित कर रही थीं। सर्विलांस मजिस्ट्रेट ने इसका वीडियो बनाया और कृष्णानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना कर 12 सितंबर 2012 को रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। 20 फरवरी 2021 को उनके विरुद्ध अदालत ने आरोप तय किए थे।

छह महीने की जेल और 11 सौ रुपये जुर्माना लगाया


अदालत ने उनको धारा 126 जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में 6 माह के कारावास एवं ₹1000 रुपये के जुर्माने और धारा 188 भारतीय दंड संहिता में ₹100 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत ने रीता बहुगुणा जोशी को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उनकी ओर से दी गई जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए अदालत ने ₹20 हजार के बंधपत्र और इतनी धनराशि बतौर जमानत दाखिल करने पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। जमानतदार उपलब्ध न होने के कारण अदालत में बंध पत्र स्वीकार कर उन्हें अपील दाखिल करने की अवधि तक के लिए रिहा कर दिया है।

सुनवाई के दौरान ही एक आरोपी की मौत


थाना कृष्णा नगर में स्टैटिक मजिस्ट्रेट मुकेश चतुर्वेदी ने 17 फरवरी 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रीता बहुगुणा जोशी वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्याशी थीं। आरोप लगाया था कि मोहल्ला बजरंग नगर में कांग्रेस प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी प्रचार का समय समाप्त होने के बाद सभा कर रही थीं। पुलिस ने रीता बहुगुणा जोशी, प्रभा श्रीवास्तव, राम सिंह, शकील अहमद, संजय यादव और मनोज चौरसिया के खिलाफ 17 जून 2012 को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सुनवाई के दौरान आरोपी शकील अहमद की मौत हो गई थी।

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