लखनऊ यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के एक छात्र नेता के मुताबिक, "उनकी (रविकांत) की वामपंथी मानसिकता है और यह एक बीमारी है। उन्होंने अपनी पोस्ट का इस्तेमाल हिंदू परंपराओं पर कमेंट के लिए। काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में कमेंट किया। यह कैसी मानसिकता है जो समाज को विभाजित करने की कोशिश कर रही है।" एक अन्य एबीवीपी नेता प्रणव कांत सिंह ने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रोफेसर को हटाया जाए। उधर, हंगामा बढ़ता देख लखनऊ पुलिस और विवि प्रशासन ने दखल देते हुए प्रदर्शनकारियों और प्रोफेसर को अलग-अलग किया। बाद में अधिकारियों ने प्रोफेसर और एबीवीपी की स्टूडेंट्स से बात भी की।