
दिल्ली से सटे गाजियाबाद मंगलवार को दोपहर बाद कचहरी परिसर में अचानक उस वक्त अफरा तफरी का माहौल हो गया। जब कुछ अधिवक्ताओं व एक दरोगा और सिपाही के बीच मारपीट हो गई। इस दौरान बचने के लिए सिपाही और दरोगा कचहरी परिसर की चौकी में पहुंचे तो अधिवक्ताओं ने चौकी में भी जमकर तोड़फोड़ की। आनन-फानन में एसपी सिटी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद अधिवक्ताओं को समझाते हुए उनका गुस्सा शांत किया।
वाहन चेकिंग के दौरान अधिवक्ताओं से हुई थी कहासुनी
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र कौशिक का कहना है। कि 27 अप्रैल को अधिवक्ता रवि शर्मा अपने अधिवक्ता साथियों के साथ हापुड़ इलाके में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। भोजपुर थाना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान उनकी गाड़ी को भी रुकवाया गया और चेकिंग के दौरान दरोगा सौरभ राठौर और सिपाही मोहित सिंह कि अधिवक्ताओं के साथ कुछ कहासुनी हो गई। आरोप यह भी है कि सिपाही मोहित सिंह ने अधिवक्ताओं के साथ मारपीट भी की। जिसकी शिकायत गाजियाबाद के एसएसपी से भी अधिवक्ताओं की तरफ से की गई।
अधिवक्ताओं ने चौकी में जमकर की तोड़फोड़
उधर, अचानक ही मंगलवार दोपहर बाद किसी के केस के मामले में दरोगा सौरव राठौर और एक सिपाही कचहरी परिसर पहुंचे। इसी दौरान अधिवक्ताओं ने उन्हें देखा तो 27 अप्रैल का जिक्र आ गया और इस बात को लेकर आपस में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते अन्य अधिवक्ता एकत्र हो गए और दरोगा का सिपाही के साथ मारपीट होने लगी। इसी दौरान कचहरी परिसर में मौजूद चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दरोगा मैं सिपाही को चौकी ले आए। लेकिन अधिवक्ताओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने चौकी में भी जमकर तोड़फोड़ की।
शांति व्यवस्था बनाए रखे जाने की अपील
वहीं सूचना जब पुलिस के आला अधिकारियों को मिली तो खुद एसपी सिटी निपुण अग्रवाल मौके पर पहुंचे और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद अधिवक्ताओं को शांत किया गया। अधिवक्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि अधिवक्ताओं के साथ किसी भी तरह की अभद्रता या पुलिस की दादागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन एसपी सिटीनिपुण अग्रवाल ने मौके की नजाकत देखते हुए अधिवक्ताओं को किसी तरह शांत किया और पूरी तरह शांति व्यवस्था बनाए रखे जाने की अपील की।
Published on:
11 May 2022 09:07 am
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