उधर, अचानक ही मंगलवार दोपहर बाद किसी के केस के मामले में दरोगा सौरव राठौर और एक सिपाही कचहरी परिसर पहुंचे। इसी दौरान अधिवक्ताओं ने उन्हें देखा तो 27 अप्रैल का जिक्र आ गया और इस बात को लेकर आपस में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते अन्य अधिवक्ता एकत्र हो गए और दरोगा का सिपाही के साथ मारपीट होने लगी। इसी दौरान कचहरी परिसर में मौजूद चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दरोगा मैं सिपाही को चौकी ले आए। लेकिन अधिवक्ताओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने चौकी में भी जमकर तोड़फोड़ की।