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यूपी के हर गाँव में कम से कम 5 पेड़ हर व्यक्ति लगाए, योजना की जानकारी हर किसी तक पहुंचाएँ- मंत्री

उत्तर प्रदेश में पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सरकार पर्यावरण को लेकर काफी चिंतित है। जिससे योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिये जनपद के किसी एक गांव का चयन कर उसमें सभी कार्यक्रम संचालित करें। हर व्यक्ति हर साल 5 पेड़ लगाए।
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लखनऊ

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Dinesh Mishra

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Updated: 5 Jun 2022, 11:58 PM IST

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प्रदेश के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर राजकीय शीतगृह परिसर में स्थित राजकीय अलंकृत उद्यान, अलीगंज में पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होने ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए लोगों में जागरूकता लाने का संदेश भी दिया। उन्होने कहा कि हर व्यक्ति को हर साल 5 पेड़ लगाने चाहिए। गाँव गाँव तक हमें ये जानकारी पहुंचानी होगी। उन्होंने आम की नियमित फलत देने वाली बौनी किस्मों आम्रपाली एवं मल्लिका का रोपण किया गया। इसके साथ ही बोगनवेलिया उद्यान को विकसित करने हेतु बोगनबेलिया की 50 प्रजातियों (जिसमें मुख्य रूप से बेगम सिकन्दर, चित्रा, चेरी ब्लासम, डॉ० भाभा, श्वेता, सुरेखा, थिमा, डॉव मेहरा, डॉ0 हरभजन सिंह, वाजिद अली शाह, डॉ० राव, डॉ० आर0आर० पाल, मिस मलीना एवं मेरी पामर आदि सम्मिलित हैं) के 550 पौधों का रोपण किया गया। इन सभी बोगनबेलिया के प्रजातियों से नए पौधे तैयार किये जायेंगे। जिसका रोपण प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर किया जायेगा। इस वर्ष 01 करोड़ 55 लाख फलदार पौधों का वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शहरों और गाँव के पर्यावरण संतुलन पर ज़ोर

मंत्री द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगरीय क्षेत्र के असंतुलित हो रहे पर्यावरण को संतुलित करने, जन-मानस को पेड़-पौर्धों के महत्व के बारे में जागरूक करने तथा उन्हें अधिक से अधिक वृक्षारोपण हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से पौधरोपण किया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मंत्री जी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि पौधों के रोपण के उपरान्त उसकी देख-भाल भी नियमित रूप से करें, जिससे यह पर्व सार्थक हो सके।

हर अधिकारी कर्मचारी 100 लोगो से संपर्क करें

मंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी व कर्मचारी सप्ताह में एक दिन किसी भी न्याय पंचायत में जायंगे, जहां 100-150 लोगों से सम्पर्क कर उन्हें विभागीय योजनाओं के सम्बन्ध में अवगत करायेंगे तथा प्रत्येक ग्राम सभा के कम से कम 5-5 लोगों तक योजना की जानकारी पम्पलेट के माध्यम से देंगे। योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिये जनपद के किसी एक गांव का चयन कर उसमें सभी कार्यक्रम संचालित करें, जिससे दूसरे गांव के लोगों के लिये मॉडल स्थापित हो। विभागीय प्रक्षेत्र में क्या नया किया जा सकता है, इसका सुझाव सभी अधिकारी उपलब्ध करायें, जिससे उसके विकास की योजना बनायी जा सके।

कृषि और बागवानी क्षेत्र के एक्सपर्ट और अधिकारी मौजूद

इस अवसर पर डॉ आर०के० तोमर, निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ०प्र0 जय मंगल राव, वित्त नियंत्रक, डॉ0 सर्येश कुमार, संयुक्त निदेशक (उद्यान), डा० विजय बहादुर द्विवेदी, संयुक्त निदेशक (शाकभाजी), बीरेन्द्र यादव, संयुक्त निदेशक (खाद्य प्रसंस्करण)/ उप निदेशक उद्यान, लखनऊ मण्डल, डॉ० आर०.के.सिंह, उप निदेशक (पौध रक्षा), डॉ० धर्मपाल यादव, उप निदेशक (आलू),. डॉ.वीरेन्द्र सिंह, प्रभारी अधिकारी, राजकीय ऊतक सम्वर्दधन प्रयोगशाला, अवनीश श्रीवास्तव, आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी, डॉ0 जय राम वर्मा, अधीक्षक राजकीय उद्यान, बैजनाथ सिंह, जिला उद्यान अधिकारी सहित उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं उद्यान कर्मचारियों द्वारा पौध रोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करने का संकल्प लिया।

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