scriptGyanvapi case Kashi supreme court Shivling secured in masque varanasi | ज्ञानवापी मामले में काशी से दिल्ली तक सुनवाई: शिवलिंग की जगह सुरक्षित की जाए, नमाज में कोई बाधा न हो | Patrika News

ज्ञानवापी मामले में काशी से दिल्ली तक सुनवाई: शिवलिंग की जगह सुरक्षित की जाए, नमाज में कोई बाधा न हो

काशी में ज्ञानवापी मामले को लेकर सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सिविल कोर्ट ने अब 19 मई की तारीख दी है। वहीं इसी मामले में सूचनाओं को लीक करने के आरोप वाले कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को पद से हटा दिया गया है। दीवार तोडकर फिर से वीडियो सर्वे कराने वाली याचिका पर सुनवाई बुधवार को 18 मई को की जाएगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में बड़ा फैसला दिया है।

 

लखनऊ

Updated: May 17, 2022 06:05:30 pm

काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर विवाद में काशी से नयी दिल्ली तक सुनवाई हुई। जिला न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में सुनवाई में अहम फैसले सुनाए गए। वाराणसी में सर्वे की कार्यवाही पूरी होने के बाद वाराणसी की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में मंगलवार को तीन-तीन आवेदन दाखिल किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान स्पेशल कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो दिन का समय मांगा। कोर्ट ने उन्हें समय दे दिया। इसी के साथ न्यायालय ने कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र को हटाने का निर्देश दिया। उधर सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि 'शिवलिंग' की जगह को सील किया जाए और जिला अदालत यह देखे कि ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज बाधित न होने पाए।
File Photo of Gyanwapi Shivling in Varanasi Mosque
File Photo of Gyanwapi Shivling in Varanasi Mosque
Ajay Mishra on Gyanwapi Survey Report Leak

वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर ने कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को कमीशन की कार्यवाही में असहयोग करने और मीडिया में खबरें लीक करने के आरोप में उनके पद से हटा दिया है। विशाल सिंह को कोर्ट कमिश्नर बनाया गया है।

मछलियों को गंगा में छोडकर, दीवार गिराकर सर्वे पर सुनवाई 18 मई को
ज्ञानवापी मामले में रिपोर्ट सबमिट करने वाले मामले की सुनवाई 19 मई को फैसला देने के साथ ही दो अन्य याचिकाओं पर सुनवाई 18 मई को होगी। इनमें मस्जिद की कुछ दीवारें गिराकर वीडियो ग्राफी कराने और वजूखाने के आसपास एरिया को सील करने की मांग की गयी है।
Survey Report सौंपने की मोहलत
मंगलवार की सुबह सबसे पहले स्पेशल कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत में प्रार्थना पत्र दे कर सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए दो दिन की मोहलत मांगी।
वजूखाना को सील न किया जाए मछलियों को होगी परेशानी
जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र प्रसाद पांडेय ने सिविल कोर्ट में एक और याचिका दाखिल कर तीन बिंदुओं पर नए कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति करते हुए जांच की मांग की। वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद राय के अनुसार सिविल जज रवि दिवाकर से याचिका में मांग की गई है कि जिस जगह को सील किया गया है उस जगह पर लोग वजू करते हैं। वहां चारों तरफ नल लगे हैं। जगह सील होने से नमाजियों को दिक्कत होगी। इसलिए इन नलों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। परिसर में ही शौचालय भी है. सील होने की वजह से शौचालय भी बंद हो गया है, जिससे नमाजियों को दिक्कत होगी। मानव निर्मित तालाब के पानी में मछलियां भी हैं, सील करने की वजह से उनके जीवन को भी खतरा है।
दीवारें गिराकर वीडियोग्राफी हो
वादी पक्ष ने मस्जिद परिसर के उन इलाकों जहां ईंट-पत्थर से रास्ता रोका गया है और दीवार खड़ी है उसे हटा कर वीडियोग्राफी कराने की मांग की। जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र प्रसाद पांडेय ने सिविल जज (सीनियर डीविजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर सील क्षेत्र से कुछ छूट की मांग की।
शिवलिंग के पास से मलबा हटे, मस्जिद का बंद दरवाजा खुले
हिंदू पक्ष से जुड़े और विश्व वैदिक सनातन के संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बिसेन ने शिवलिंग के चारों ओर मौजूद दीवार को हटाने की अनुमति मांगी है। ताकि पता चले कि शिवलिंग कहां तक है। इसके साथ ही मस्जिद का दरवाजा खोलने की मांग की गयी है।
हिंदू सेना संगठन भी पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
ज्ञानवापी सर्वे मामले में हिंदू सेना नाम के संगठन ने सोमवार को एक अर्जी दाखिल की। उनकी मांग है कि अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका को जुर्माने के साथ खारिज की जाए। ये याचिका हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने दाखिल की है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'शिवलिंग' की जगह किया जाए सील, नमाज न हो बाधित

सुप्रीम कोर्ट ने अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद की याचिका पर ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा जिस स्थान पर 'शिवलिंग' मिला है, उसे सील कर दिया जाए और सुरक्षा दी जाए। शीर्ष अदालत ने जिला प्रशासन को आदेश देते हुए कहा कि शिवलिंग वाले स्थान को पूरी सुरक्षा दी जाए, लेकिन इसके चलते नमाज में बाधा नहीं आनी चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए गुरुवार को तारीख तय कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अगली सुनवाई तक के लिए हम वाराणसी के डीएम को आदेश देते हैं कि शिवलिंग मिलने वाले स्थान की सुरक्षा की जाए, लेकिन मुस्लिमों को नमाज पढऩे में कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। याचिका की सुनवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने की। हिंदू सेना ने भी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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