एलडीए का फिर दिखा अपनों के लिए प्यार, पूरे शहर में मिले कुल 7 भूमाफिया

Dikshant Sharma

Publish: Sep, 17 2017 04:37:10 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
एलडीए का फिर दिखा अपनों के लिए प्यार, पूरे शहर में मिले कुल 7 भूमाफिया

जैसे तैसे एलडीए 7 भूमाफियों को ही चिन्हित कर सका है। जिसमें एक महिला भी शामिल है।


लखनऊ। राजधानी में भले ही लखनऊ विकास प्राधिकरण की जमीनों पर भूमाफियाओं के कब्जे हों लेकिन एलडीए के इंजीनियर को ये नहीं दिख रहे। एलडीए सचिव ने प्रवर्तन अधिकारियों के साथ बैठक कर अपने-अपने क्षेत्र के भूमाफियाओं के नामों की सूची कई बार मांगी लेकिन लगभग सभी को भूमाफिया नहीं दिखे। हालाँकि लिखित जवाब देने को कहा गया तो सबके मुंह लटक गए। जैसे तैसे एलडीए 7 भूमाफियों को ही चिन्हित कर सका है। जिसमें एक महिला भी शामिल है।

अब इसे एलडीए के इंजीनियरों की लापरवाही कहें या फिर भूमाफियाओं को बचाने के लिए किये जा रहे प्रयास कि कई बार बैठकें करने के बाद भी 7 नाम चिन्हित हो सके हैं। जबकि जानकारों की माने तो पांच हज़ार हेक्टेयर ज़मीन पर भू माफियाओं का कब्ज़ा है।

यहां हुए चिन्हित
जोन पांच के अधिशासी अभियंता पीएस मिश्र को स्वयं नजूल अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने उनके क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज के निकट जमीन पर कब्जे की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त अन्य अधिकारियों को फिनिक्स मॉल के पीछे और जानकीपुरम में कब्जे से संबंधित जानकारी दी गई। साथ ही कहा गया कि वे खुद जाकर मौका मुआयना करें और ऐसे लोगों को भूमाफियाओं की सूची में डालकर जल्द से जल्द प्रस्तुत करें।

सचिव ने जताई नाराज़गी
इंजीनियरों की कार्य प्रणाली से खफा सचिव ने कहा कि आप लोगों को कोई सूचना तंत्र नहीं है। लेकिन जवाब के नाम पर कोई भूमाफिया नहीं है जवाब दे दिया जाता है। अगर ऐसा है तो आप लिखकर दें। बाद में उन्होंने कुछ नरमी बरतते हुए कम से कम दो नाम तो अवश्य लिखकर देने को कहा।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को वीसी प्रभु एन. सिंह ने सूची सौंपी जानी है। यही नहीं, बीते सप्ताह के शुक्रवार तक इस सूची को एलडीए द्वारा जिला प्रशासन को दिया जाना था लेकिन लगभग 10 दिन गुजर जाने के बाद भी एलडीए अपने स्तर पर भी सूची तैयार नहीं कर पाया है। यही नहीं, शासन स्तर पर भूमाफियाओं को लेकर गंभीरता बरती जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

क्या 'अपनों' को बचा रहा एलडीए
एलडीए के इंजीनियरों पर हमेशा से आरोप लगते रहे हैं कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों को संरक्षण देते हैं। अवैध निर्माण के मामले में भी उन पर इस तरह के आरोप लगते रहे हैं। एलडीए के उच्चाधिकारियों के मन में भी इंजीनियरों की छवि ऐसी ही है। नाम न दिये जाने पर ये शक और गहराता जा रहा है।

सचिव जय शंकर दुबे ने बताया कि तारा सिंह बिष्ट का जनेश्वर मिश्र पार्क के पास जमीन पर कब्जा, किसान नेता राजू गुप्ता का इंजीनियरिंग कॉलेज के पास जमीन पर कब्जा, हाजरा खातून का अलीगंज सेक्टर जे में सौ से अधिक कब्जे, राजकुमार गुप्ता का अहिबरनपुर में खसरा संख्या 383 में बड़ी कमर्शियल जमीन पर कब्जा, शेखू अब्बास, रेशू अब्बास व शेरू अब्बास ने ऐशबाग के भदेवां में बड़ी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया है।

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