जाति की फसल काटने को तैयार मां-बेटी! कांग्रेस ने भी अपना दल को दी यह दो सीटें

जाति की फसल काटने को तैयार मां-बेटी! कांग्रेस ने भी अपना दल को दी यह दो सीटें

Hariom Dwivedi | Publish: Mar, 17 2019 03:09:04 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

लोकसभा चुनाव 2019 : तीन टुकड़ों में बंट चुके अपना दल के दो गुटों को राष्ट्रीय पार्टियों का सहारा मिल गया है

लखनऊ. तीन टुकड़ों में बंट चुके अपना दल के दो गुटों को राष्ट्रीय पार्टियों का सहारा मिल गया है। अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाला गुट केंद्र और राज्य की सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी के साथ है। जबकि, कृष्णा पटेल गुट ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। दोनों का दावा है कि उनका दल ही असली अपना दल है। प्रतापगढ़ से अपना दल से सांसद हरिवंश सिंह ने अखिल भारतीय अपना दल बना लिया है। इन्हें अभी सहारे की तलाश है। मां-बेटी की नजर जहां पिछड़ी जाति खासकर कुर्मी मतदाताओं पर है वहीं, हरिवंश को ठाकुर मतों की फसल काटने का इंतजार है। गौरतलब है कि अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की मौत के बाद से ही पार्टी दो धड़ों में बंट गई। एक धड़ा उनकी पत्नी कृष्णा पटेल का और दूसरा धड़ा बेटी अनुप्रिया पटेल का है।

कृष्णा पटेल गुट से गठबंधन के बाद कांग्रेस ने उन्हें गोंडा और पीलीभीत की दो सीटें दी हैं। इन दोनों ही सीटों पर कुर्मी मतदाताओं की तादाद ज्यादा है। गोंडा लोकसभा क्षेत्र में गोंडा, उतरौला, गौरा, मेहनौन, मनकापुर कुर्मी बाहुल्य क्षेत्र हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में गोंडा और पीलीभीत में कांग्रेस प्रत्याशी चौथे नंबर पर रहे थे।

अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले धड़े को 2014 में बीजेपी ने दो सीटें (मिर्जापुर और प्रतापगढ़) दी थीं, जिन पर उन्हें जीत हासिल हुई थी। इस बार भी उन्हें दो ही सीटें देने की बात कही जा रही है। इनमें मिर्जापुर लोकसभा सीट तो लगभग तय है, जबकि दूसरी सीट के बारे में दोनों दल के नेता मिल-बैठकर फैसला करेंगे। यूपी की मिर्जापुर सीट पर पटेल समुदाय की अच्छी खासी आबादी है। 2014 में अनुप्रिया पटेल को मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र में 43 फीसदी से अधिक वोट मिले थे, वहीं प्रतापगढ़ सीट पर अपना दल के कुंवर हरबंश सिंह ने बहुजन समाज पार्टी के आसिफ निजामुद्दीन सिद्दीकी को करीब दो लाख वोटों से हरा दिया था।

2014 : पीलीभीत लोकसभा सीट
वर्तमान में मेनका गांधी पीलीभीत से सांसद हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें 52 फीसदी वोट मिले थे। उनके विरोधी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार बुद्धसेन वर्मा को करीब 23 फीसदी वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे। इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के अनीस अहमद खान उर्फ फूल बाबू तीसरे और कांग्रेस प्रत्याशी संजय कपूर चौथे नंबर पर रहे थे। इस चुनाव में कुल 62.9 फीसदी मतदान हुआ था।

गोंडा लोकसभा सीट
भारतीय जनता पार्टी के कीर्तिवर्धन सिंह वर्तमान में गोंडा से सांसद हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी नंदिता शुक्ला 1,99,227 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रही थीं। बसपा प्रत्याशी अकबर अहमद डम्पी 116,178 पाकर तीसरे नंबर पर और कांग्रेस के बेनी प्रसाद वर्मा (102,254) चौथे नंबर पर रहे थे। इस चुनाव में कुल 51 फीसदी मतदान हुआ था।

ओबीसी हर दल की जरूरत
यूपी में ओबीसी वोटरों की संख्या कुल आबादी की करीब 42-45 फीसदी है। इनमें यादव 10 फीसदी, लोधी 3-4 फीसदी, कुर्मी-मौर्य 4-5 फीसदी और अन्य का प्रतिशत 21 फीसदी है। दूसरी जातियों में दलित वोटर 21-22 फीसदी, सवर्ण वोटर 18-20 फीसदी और मुस्लिम वोटर 16-18 फीसदी हैं। ऐसे में ओबीसी यूपी में सबसे बड़ा जाति समूह है। यह अकेले किसी को जिताने-हराने में सक्षम हैं। इसलिये हर दल गुणा-भाग के जरिये इन्हें अपने खेमे में रखना चाहता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में 34 फीसदी ओबीसी मतदाताओं ने बीजेपी के पक्ष में वोट किया था।

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