
Ayodhya news
लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट के फैसले बाद रामनगरी अयोध्या में दो भाई राम लला के लिए भगवा रंग के कपड़े बनाने में व्यस्त हैं। अयोध्या के बाडी कुटिया इलाके में, आठ बाई छह फुट की दुकान है। यह दर्जी बाबू लाल का निवास स्थान भी है, जो अयोध्या के मंदिरों में निवास करने वाले राम लला और अन्य देवताओं के कपड़े सिलते थे। हालाँकि बाबू लाल अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके बेटे, भगवत प्रसाद पहाड़ी और शंकर लाल श्रीवास्तव, उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसपर उन्हें गर्व है। शंकर का कहना है कि हम सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं और अब हम खुश हैं कि अंत में भगवान राम का एक भव्य मंदिर बनाया जाएगा। हम आज राम लला के लिए शुभ नारंगी रंग के कपड़े बना रहे हैं।
ठाकुर जी के सिलेंगे कपड़े-
शंकर और उनके बड़े भाई भागवत, दोनों ही इसे "भगवान राम का आशीर्वाद" मानते हैं क्योंकि वे छोटे से कमरे में देवताओं और पवित्र पुरुषों के लिए विशेष रूप से कपड़े सिलाई करके कमाई करते हैं। उनकी दुकान देवी-देवताओं के चित्रों और पोस्टरों से सजी हुई है। वे कहते हैं कि इस ऐतिहासिक फैसले के बाद यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भगवान राम हमारे द्वारा बनाए गए इन कपड़ों को पहनेंगे। हमें उम्मीद है कि जल्द ही हमें भी मंदिर में जगह मिल जाएगी और अपने पिता की तरह ही हमें भी मंदिर में बैठकर ठाकुर जी (भगवान राम) के लिए कपड़े सिलने का मौका मिलेगा।
हफ्ते का सातों दिन अलग-अलग रंग के होंगे कपड़े-
अनुष्ठान के अनुसार, भगवान राम सप्ताह के विभिन्न दिनों में अलग-अलग रंग के कपड़े पहनते हैं। सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, गुरुवार को नारंगी, शुक्रवार को क्रीम, शनिवार को नीला तो रविवार को राम लल गुलाबी रंग के कपड़े पहनेंगे। हालांकि, रविवार के समारोहों के लिए यह नियम तोड़ा भी सकता है। उनका कहना है कि कपड़े गुलाबी के बजाय नारंगी होंगे क्योंकि यह हम सभी के लिए शुभ दिन और अवसर होता है। अभी राम लल्ला के लिए हरे रंग के कपड़े तैयार हैं, जो प्रभु को बुधवार को पहनाए जाएंगे।
इसी परिवार के पास है राम लला की सटीक माप-
दर्जी व्यवसाय में यह चौथी पीढ़ी है। दोनों भाइयों को याद है कि कैसे उनके पिता बाबू लाल राम लला के कपड़े सिलने के लिए सिलाई मशीन को रामजन्मभूमि परिसर में ले जाते थे। दिलचस्प बात यह है कि राम लला के सटीक माप की जानकारी केवल इसी परिवार को है जो दशकों से देवता के लिए कपड़े बना रहे हैं।
Updated on:
10 Nov 2019 07:58 pm
Published on:
10 Nov 2019 07:58 pm
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