सात राज्यों के सैनिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी

गंभीर मरीजों के लिए हेलीपैड युक्त एयर एंबुलेंस की सुविधा
17 मंजिला उंचा होगा अस्पताल
रक्षा मंत्रालय ने दिया 500 करोड़ रुपए
देश में थल सेना के पांच कमांड अस्पताल
देश का सबसे बड़ा कमांड अस्पताल लखनऊ में बनेगा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश का सबसे बड़ा कमांड अस्पताल बनेगा।मध्य कमान का यह अस्पताल 17 मंजिल का बनाया जाएगा। यह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चार साल में बन कर तैयार हो जाएगा। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने 500 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। साथ ही आपातस्थिति में रोगी के लिए एयर एंबुलेंस और हेलीपैड की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे सात राज्यों के सैनिकों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। जुलाई से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।

देश में सैनिकों के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए भारतीय थल सेना के पांच कमांड अस्पताल हैं। मध्य कमान का अस्पताल लखनऊ, पूर्वी कमान का कोलकाता, उत्तरी कमान का उधमपुर, पश्चिमी कमान का चांदी मंदिर और दक्षिणी कमान का अस्पताल पुणे में है।

देश की सबसे बड़ी मध्य कमान लखनऊ में है। मध्य कमान में सबसे अधिक पूर्व सैनिक हैं।मध्य कमान के अस्पताल में रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग सहित आइसीयू, पेट स्कैन, इमरजेंसी, लैब और वार्ड अलग-अलग हैं। अब सेना ने इस अस्पताल को अपग्रेड करने की योजना बनाई है।

रक्षा मंत्रालय ने मध्य कमान लखनऊ के अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी करने के लिए पांच सौ करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह अस्पताल 17 मंजिल का होगा। साथ ही आपात स्थिति में रोगी को आरआर अस्पताल नई दिल्ली ले जाने के लिए एयर एंबुलेंस और हेलीपैड की भी सुविधा दी जाएगी। इस नए अस्पताल का डिजाइन मध्य यूपी सब एरिया मुख्यालय को तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यालय से सर्वे कराया जा चुका है। बेस अस्पताल की खाली जमीन पर नया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनेगा। जुलाई से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, चार साल में इसे पूरा होने की उम्मीद है। नए अस्पताल से सात राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड व उड़ीसा के सैनिक, पूर्व सैनिक और उनके परिवार लाभान्वित हो सकेंगे।

चार साल में नया अस्पताल बनकर तैयार होगा। इसके लिए हर साल करीब 125 करोड़ रुपए जारी होंगे। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्वरुप कुछ ऐसा होगा कि सभी इसकी सुविधाओं की तारीफ किए बिना नहीं रह सकेंगे।

योजना कुछ ऐसी है, पहली मंजिल पर लैब होंगी, बगल के पांच ब्लॉक जो कि इंटरकनेक्ट होंगे उसमें इमरजेंसी की सुविधा, दूसरी मंजिल पर आइसीयू, तीसरी से 17वीं मंजिल तक जवानों, जेसीओ, सैन्य अधिकारियों व उनके परिवारीजनों के लिए विभागवार वार्ड होंगे।

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