सीएम योगी ने दिया गरीब सवर्णों को तोहफा,सरकारी नौकरियों में मिलेगा दस फीसद आरक्षण, यूपी कैबिनेट में कानून के प्रस्ताव को मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक
यूपी लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) बिल-2020 इसी बजट सत्र में होगा पास
मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा

लखनऊ. सवर्णों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया। केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार भी गरीब सवर्णों को नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए कानून बनाने का फैसला किया है। मतलब योगी सरकार, सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण का कानून बनाएगी। नौकरियों में आरक्षण अभी तक शासनादेश के आधार पर दिया जाता था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में गरीब सवर्णों को आरक्षण देने के लिए प्रस्तावित कानून से संबंधित बिल के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इस बिल को इसी बजट सत्र में पास कराकर राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस विधेयक का नाम यूपी लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) बिल-2020 है।

प्रदेश सरकार ने गरीब सवर्णों को अभी तक सरकारी नौकरियों में 18 फरवरी, 2019 के शासनादेश के जरिए पहली फरवरी, 2019 को या इसके बाद रिक्त पदों पर दस फीसदी आरक्षण दिया है। लेकिन अब इसे कानून के जरिए दिया जाएगा। गरीब सवर्णों को सभी श्रेणी की सरकारी नौकरियों में (अल्पसंख्यक संस्थाओं को छोड़कर) दस फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। आठ लाख रुपए सालाना से कम आय वाले परिवार इस लाभ को पाने के हकदार होंगे।

केंद्र सरकार ने पिछले दिनों संविधान में 103वां संशोधन करते हुए सरकारी सेवाओं की सभी श्रेणियों में नियुक्ति व अल्पसंख्यक संस्थाओं को छोड़कर सरकारी व निजी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत का आरक्षण देने का फैसला किया था।

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