लखनऊ हाईकोर्ट ने खारिज की शहर में मोबाइल टावर हटाने की याचिका

- कोर्ट ने कहा- रेडिएशन से नुकसान का कोई प्रमाण नहीं

By: Neeraj Patel

Published: 12 Feb 2021, 09:34 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ ख्ंडपीठ ने रिहायशी इलाके में मोबाइल टावर लगाए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने पूर्व में पारित एक आदेश के आधार पर मोबाइल टॉवर के रेडिएशन से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर की दलील को स्वीकार नहीं किया। यह आदेश जस्टिस रितुराज अवस्थी व जस्टिस मनीष माथुर की पीठ ने एएम दत्त की याचिका पर पारित किया।

याची का कहना था कि उसके प्लॉट के बगल में लगे मोबाइल टावर और फोरजी बेस ट्रांसमिटिंग स्टेशन को हटाया जाए। यह भी मांग थी कि मोबाइल टावर के रेडिएशन से होने वाले दुष्प्रभावों के बाबत टेलीकॉम विभाग को रिपोर्ट प्रकाशित करने का आदेश दिया जाए। लखनऊ हाई कोर्ट ने पूर्व में आशा मिश्रा केस में दिये गए आदेश को उल्लिखित करते हुए याची की दलीलों को अस्वीकार कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारित उक्त आदेश में कहा गया था ऐसा कोई प्रामाणिक वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है, जिससे मोबाइल टॉवर के रेडिएशन से होने वाले नुकसान का प्रमाण मिल सके। इसलिए इस याचिका को खारिज किया गया है।

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