सवालों के घेरे में भर्तियां, अब बदल सकता है शिक्षक भर्ती परीक्षा का पैटर्न

सवालों के घेरे में भर्तियां, अब बदल सकता है शिक्षक भर्ती परीक्षा का पैटर्न

Prashant Srivastava | Publish: Sep, 10 2018 04:07:30 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

सवालों के घेरे में भर्तियां, अब बदल सकता है शिक्षक भर्ती परीक्षा का पैटर्न

लखनऊ. 68,500 शिक्षक भर्ती में हुई गड़बड़ियां एक के बाद एक सामने आ रही हैं। ऐसे में नियुक्ति प्रकिया व अधिकारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। इन भर्तियों में हुई गड़बड़ियों का असर 97 हजार शिक्षक भर्ती पर भी पड़ सकता है। सूत्रों की मानें तो जिस तरह की खामियां सामने आ रही हैं उससे सबक लेते हुए परीक्षा का पैटर्न भी बदला जा सकता है। 97 हजार शिक्षक भर्ती के लिए टीईटी 2018 के लिए आवेदन 17 सितम्बर से लिया जाना है।

बदला जा सकता है पैटर्न

सूत्रों के मुताबिक, शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा नकल से बचाने के लिए और लेखन क्षमता देखने के लिए अति लघुउत्तरीय प्रश्नों पर आधारित की गई। इसकी कॉपियां जांचने के लिए इंटर कॉलेज के अध्यापकों को लगाया गया। लेकिन अब इसे पारम्परिक तरीके से बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर करवाया जा सकता है ताकि इसकी ओएमआर शीट कम्प्यूटराइज्ड तरीके से जांची जा सके। .यदि मौजूदा फार्मेट पर परीक्षा करवाई गई तो इसमें समय लगना तय है। मौजूदा परीक्षा 27 मई को करवाई गई और रिजल्ट 13 अगस्त को निकाला गया। इसके बावजूद अंकों में हुए हेरफेर रोज सामने आ रहे हैं। वहीं परीक्षा नियामक प्राधिकारी को हटाकर किसी दूसरी एजेंसी को लिखित परीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

68,500 शिक्षक भर्ती में हुई गड़बड़ियां


बता दें कि 27 मई को हुई लिखित परीक्षा में1,07,908 अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए। 13 अगस्त को इसका रिजल्ट जारी हुआ। रिजल्ट जारी होते ही गड़बड़ियों की शिकायत आने लगी। 22 अगस्त को परीक्षा नियामक ने 2 हजार रुपये के आवेदन पर स्कैन कॉपी देने की व्यवस्था की। सूत्रों के मुताबिक, अब तक 168 कॉपियां परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने जारी की है। उन सभी में अंकों का बड़ा अंतर है। यह परीक्षा 150 अंकों की थी। सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के लिए 45% (67) अंक एवं एससी-एसटी के लिए 40% (60) अंक पासिंग मार्क रखे गए थे।सोशल मीडिया में परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें 68500 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा की कॉपियां जलाने की बात की जा रही है। ये अधिकारी इसकी जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। परीक्षा नियामक प्राधिकारी की सचिव सुत्ता सिंह को शनिवार को ही निलम्बित किया जा चुका है।परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में कॉपियां जलाने व अन्य मामलों की जांच के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने एक टीम रविवार सुबह ही इलाहाबाद रवाना कर दी। इसमें सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक वेदपति मिश्र और बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह शामिल हैं।

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