कम करें डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल, नहीं तो समय से पहले हो जाएंगे बुजुर्ग

दिन भर सोशल नेटवर्किंग साइट पर लगे रहने से हमें पता भी नहीं चलता कि कब हमारी त्वचा खुश्क बन जाती है।

By: Mahendra Pratap

Updated: 04 Jan 2018, 03:09 PM IST

लखनऊ. दिन रात डिजिटल टेक्नोलॉजी से चिपके रहने से भले ही आप सात समुंदर पार बैठे लोगों के कॉन्टैक्ट में रहते हों, लेकिन इस चक्कर में सेहत को लेकर लेने के देने पड़ जाते हैं। व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्ताग्राम और कई सारे ऐसे डिजिटल प्लैटफ़ॉर्म हैं, जो दोस्तों और रिश्तेदारों को एक दूसरे से बांधे रखते हैं। डिजिटल स्क्रीन का असर समय से पहले ही लोगों में बुढ़ापे को न्योता दे रहा है। दिन भर सोशल नेटवर्किंग साइट पर लगे रहने से हमें पता भी नहीं चलता कि कब हमारी त्वचा खुश्क बन जाती है। आप सोचेंगे ये कैसे, तो हम आपको बता दें कि ज्यादा देर मोबाइल पर बात करने से फोन गरम हो जाता है। ऐसे में कान और गाल लाल हो जाते हैं। जब आप फोन छूते हैं, तो कई मोबाइल स्क्रीन में मौजूद कई जीवाणु त्वचा के संपर्क में आते हैं। हमें पता भी नहीं लगता कि कब और कैसे डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हमें आम तौर पर नुकसान पहुंचा रहा है।

स्क्रीन में ब्लू लाइट पहुंचाती है नुकसान

स्मार्टफोन की स्क्रीन में ब्लू लाइट होती है, जो हाई एनर्जी विजिबल लाइट होने पर आंखों और त्वचा को नुकसान पहुंचाती है। अगर गौर करें, तो जवानी में जिस त्वचा में निखार होना चाहिए, वो झुर्रियों से भरी रहती है। हमारी त्वचा झुलसा जाती है। स्मार्टफोन के इस्तेमाल से डिजिटल आई स्ट्रेन (नेत्र तनाव) की समस्या उतपन्न होती है। जब ये समस्या बढ़ जाती है, तो नींद न आना, सिरदर्द होना, आंखों में जलन या पानी निकलना जैसी प्रॉब्लम्स होती हैं। इससे चेहरे की मांसपेशियां भी प्रभावित होती हैं।

स्मार्टफोन में ब्लू लाइट यूवी लाइट की तरह होती है। आंखों में मौजूद सेल्स इससे प्रभावित होते हैं, जिन्हें नुकसान पहुंचता है। आंखों की सेहत का ख्याल रखने के लिए जरूरी है कि आप अपने फोन का इस्तेमाल करते वक्त डिस्टेंस बनाए रखें। ये गैप जरूरी भी है।

ज्यादा देर तक इस्तेमाल है हानिकारक

फोन का इस्तेमाल एक बार में 20 मिनट से ज्यादा देर तक न करें। सर्दी के मौसम में थोड़ी सी परेशानी होने पर भी लोग डॉक्टर्स के चक्कर काटते हैं। मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस मामले में लखनऊ के प्रकाश नेत्र केंद्र के डॉक्टर मोहित खेमचंदानी बताते हैं कि आंखों की समस्या लिए उनके पास कई पेशंट्स आते हैं। कमजोर आंखें, आंखों में जलन या पानी निकलना जैसी समस्या होती है। पहले तो ये समस्या बड़े लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब युवा पीढ़ी भी इसमें शामिल है। इनके केस में अधिकतर लोगों का कारण स्मार्टफोन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करना होता है। मोबाइल फोन की ब्राइट्नेस ज्यादा या बहुत कम भी नहीं होनी चाहिए। इससे भी आंखों पर असर पड़ता है। इसके अलावा फॉंट साइज मीडियम हो, तो ज्यादा बेहतर है। छोटे फॉंट साइज से स्क्रीन पर नजरें मोबाइल फोन पर और पास आकर गड़ानी पड़ती हैं, जिससे आंखों पर प्रेशर बनता है और पानी निकलने जैसी समस्या होती है।

Mahendra Pratap
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