धान खरीदी में लापरवाही पर कानपुर और सोनभद्र के RM निलंबित

पीसीएफ के प्रबंध निदेशक ने कानपुर और सोनभद्र के क्षेत्रीय प्रबंधकों को निलंबित कर दिया है, वहीं फतेहपुर के जिला प्रबंधक को हटा दिया है

By: Hariom Dwivedi

Published: 28 Nov 2020, 01:08 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के किसान धान क्रय केंद्रों पर अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं। शिकायतों पर शासन-प्रशासन सख्त है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है क्रय केंद्रों पर किसानों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। इस बीच पीसीएफ के प्रबंध निदेशक ने क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के अनुरूप धान खरीदी नहीं होने पर कानुपर और सोनभद्र के क्षेत्रीय प्रबंधकों को निलंबित कर दिया गया है, वहीं फतेहपुर के जिला प्रबंधक को हटा दिया गया है। प्रबंध निदेशक ने लापरवाही बरतने वाले प्रभारियों पर कार्रवाई के लिए जिले के सहायक आयुक्त और निबंधक को आदेश दिए हैं। पीसीएफ ने बीते वर्ष की तुलना में अभी तक 1.65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी कर ली है। प्रदेश के 1435 धान क्रय केंद्रों यह खरीद चल रही है।

उत्तर प्रदेश में एक अक्टूबर से धान खरीद चल रही है। धान खरीदी के लिए करीब 4000 हजार केंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2020-21 में 55 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रेड ए के धान के लिए सरकार ने एमएसपी 1888 रुपए प्रति क्विंटल और सामान्य के लिए 1,868 रुपए प्रति क्विंटल का भाव तय किया गया है। प्रदेश में यूपी राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम, पीसीएफ, पीएसयू, मंडी परिषद, भारतीय खाद्य निगम समेत 11 एजेंसियां धान की खरीद कर रही हैं। इसके अलावा रजिस्टर्ड सहकारी समितियां, कृषक उत्पादक समूह (एफपीओ और एससीपी), मल्टी स्टेट कॉपरेटिव सोसायटी आदि के जरिए भी धान खरीदी की जा रही है। क्रय करने वाली एजेंसियों का दावा है कि हर हाल में आवंटित लक्ष्य के अनुरूप धान खरीद लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि धान रहने तक क्रय केंद्र चलते रहेंगे।

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