दलितों के मामले में मोदी का चेहरा पाखंडी- मायावती

दलितों के मामले में मोदी का चेहरा पाखंडी- मायावती

Anil Ankur | Publish: Apr, 17 2018 05:50:12 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

एस.सी.-एस.टी. कानून, 1989 को उसके असली रूप में बहाल करने के लिये तत्काल अध्यादेश

लखनउ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को यहां कहा है कि दलितों की दुहाई देने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चेहरा पाखंडी है। उन्होंने कहा कि अभी जबकि एस.सी.-एस.टी. (अत्याचार निवारण) कानून में भारी ढील व उसमें रियायत दिये जाने का मामला माननीय सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा के लिये लम्बित है, फिर भी बीजेपी-शासित राज्यों द्वारा इस कानून को लगभग निष्प्रभावी बनाने सम्बन्धी आदेश निर्गत कर देना यह दलित समाज के प्रति इनकी सरकारी निरंकुशता व क्रूरता को दर्शाता है। इनका ऐसा व्यवहार अति-निन्दनीय है।

मायावती ने कहा कि साथ ही यह साबित करता है कि दलित-विरोधी मानसिकता व उपायों के मामले में बीजेपी व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार का चाल, चरित्र व चेहरा कितना ज्यादा पाखण्डी व दोहरे मापदण्डों वाला है। इस विश्वासघाती सरकार पर खासकर अब कोई कैसे भरोसा कर सकता हैं?

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार एस.सी.-एस.टी. कानून, 1989 को उसके असली रूप में बहाल करने के लिये तत्काल अध्यादेश लाकर उसको देश में हर जगह लागू करे ताकि राज्यों की जातिवादी व सामंती मानसिकता वाली सरकारें अपनी मनमानी नहीं कर सकें और दलितों के उत्पीड़नों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।

बसपा सुप्रीमो बोलीं कि इसके अलावा हैदराबाद की मक्का मस्जिद में सन् 2007 में हुये बम विस्फोट के अति-गम्भीर मामले में भी सभी मुख्य दोषियों के बरी कर दिये जाने के मामले के बाद अब यह साफ तौर पर लगता है कि बीजेपी की केन्द्र की सरकार देश में कानून का राज बिल्कुल भी नहीं चाहती है। इनके द्वारा केन्द्रीय जाँच एजेन्सियों को राजनीतिक स्वार्थ के तहत् इस्तेमाल करते रहने की जो गलत नीति अपनाई गई है वह देश में अब जंगलराज को बढ़ावा देने लगी है। बोलीं कि इसके अलावा हैदराबाद की मक्का मस्जिद में सन् 2007 में हुये बम विस्फोट के अति-गम्भीर मामले में भी सभी मुख्य दोषियों के बरी कर दिये जाने के मामले के बाद अब यह साफ तौर पर लगता है कि बीजेपी की केन्द्र की सरकार देश में कानून का राज बिल्कुल भी नहीं चाहती है।

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