
उत्तर प्रदेश के अनुदानित और मान्यता प्राप्त मदरसों को हाइटेक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में यहां छात्र-छात्राओं को मोबाइल एप के जरिए पढ़ाई कराई जाएगी। राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने मदरसा ई-लर्निंग एप का लोकार्पण किया है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ाई के लिए एप की सुविधा दी जा रही है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब हुजूर के बेटे ही हुजूर नहीं बनेंगे बल्कि मजदूर के बेटे भी हुजूर बनेंगे। वक्फ सम्पत्तियों पर जो अवैध कब्जे हैं जल्द ही उन्हें मुक्त करवा कर उनकी जमीनों पर आईएएस, पीसीएस की प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के सेण्टर खोले जाएंगे।
रात्रिकालीन कक्षाओं का भी प्रावधान
इस अवसर पर समाज कल्याण निदेशालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उ.प्र. मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार जगमोहन सिंह ने बताया दी कि मदरसा-ई-लर्निंग एप के जरिए लाइव क्लास का संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही इस एप पर पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि एप की मदद से मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन, रजिस्ट्रार व मदरसा प्रबंधकों को एक प्लेटफार्म पर लाया जा सकेगा। इसके अलावा एप पर किताबें पीडीएफ फाइल में उपलब्ध रहेंगी जिन्हें डाउनलोड करके छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर सकेंगे। वहीं एप में रात्रिकालीन कक्षाओं का भी प्रावधान किया गया है।
वीर सेनानियों की शौर्यगाथाएं हों शामिल
अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और अन्य युद्धों के वीर सेनानियों की शौर्यगाथाएं भी मदरसा पाठ्यक्रम में शामिल की जानी चाहिए। इस अवसर पर वर्ष 2020-21 सत्र की मदरसा परीक्षा में अव्वल आए कुल 40 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। इनमें से प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये की राशि व टेबलेट तथा प्रमाण पत्र दिये गये। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी आदि विषयों में सर्वाधिक अंक लाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को 50 हजार की राशि के चेक व टेबलेट दिये गये।
Published on:
5 Jul 2022, 9:21 AM IST
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