
लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग के क्षेत्र को संरक्षित करने का निर्देश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने परिसर में नवाज की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा किसी भी मुसलमान को वहां नवाज पढ़ने से न रोका जाए। वाराणसी सिविल कोर्ट से नवाज के लिए अधिकतम 20 लोगों की संख्या तय करने की मांग की गई थी।
नमाज की पढ़ेंगे मुस्लिम
शर्ष आदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाले अंजुमन इंतजा मियां मसाजिद की याचिका पर सुनवाई के दौरान मंगलवार को वाराणसी के जिला अधिकारी को यह निर्देश दिया है। इससे पहले जस्टिस चोर और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने मामले में सिविल कोर्ट की कार्यवाही रोकने की मांग खारिज कर दी। पीठ ने कहा कि वाराणसी अदालत के समक्ष मुकदमा मालिकाना हक का नहीं बल्कि श्रृंगार गौरी में पूजा के लिए है। पीठ वजूखाने के इस्तेमाल की इजाजत से भी इंकार कर दिया। इसी वज खाने में शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है।
अब 19 को अगलती सुनवाई
कोर्ट ने पहले दिन की सुनवाई के बाद ज्ञानवापी मामले से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी की है। इसमें राखी सिंह लक्ष्मी देवी सीता साहू मंजू व्यास व रेखा पाठक शामिल हैं। इन महिलाओं ने श्रृंगार गौरी की पूजा हर दिन करने की अनुमति मांगी है। इन्हीं की याचिका पर सर्वे का आदेश दिया गया शीर्ष कोर्ट ने यूपी सरकार वाराणसी के डीएम पुलिस कमिश्नर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर बोर्ड के सभी ट्रस्ट यू को भी नोटिस दिया है अगली सुनवाई 19 मई को होगी।
Updated on:
18 May 2022 08:46 am
Published on:
18 May 2022 08:44 am
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