यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में बदलाव, 10वीं और 12वीं से हटाए गए ये विषय

लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद पड़े हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। स्कूल न जाने की स्थिति में पढा़ई-लिखाई नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में यूपी बोर्ड (UP Board) ने कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के पाठ्यक्रम में बदलाव किया है

By: Karishma Lalwani

Published: 21 Jul 2020, 02:04 PM IST

लखनऊ. लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद पड़े हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। स्कूल न जाने की स्थिति में पढा़ई-लिखाई नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में यूपी बोर्ड (UP Board) ने कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। यूपी बोर्ड ने 30 प्रतिशत तक कक्षा 9-12 के कोर्स को कम करते हुए हरिशंकर परसाई की निंदा रस और अंग्रेजी से मर्चेंट ऑफ वेनिस प्ले को बाहर कर दिया गया है। 10वीं और 12वीं के कई विषय में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। बोर्ड ने संशोधित पाठ्यक्रम को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है।

हिन्दी के प्रमुख लेखकों सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला, सुमित्रानंदन पंत, मैथिलीशरण गुप्त और रामधारी सिंह दिनकर आदि की कुछ रचनाओं को बाहर किया गया है। लेकिन कुछ रचनाएं शामिल है। केपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह ने बताया कि कक्षा 10 हिंदी गद्य में कुल 7 पाठ में से 3 पाठ्यक्रम- 'ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से' -रामधारी सिंह दिनकर, 'क्या लिखूं'-पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और 'पानी में चंदा और चांद पर आदमी'-जयप्रकाश भारती पाठ्यक्रम से बाहर किए गए हैं। पद्य के 13 पाठ में से सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा व माखनलाल चतुर्वेदी की कुछ की रचनाओं का कुछ हिस्सा हटा दिया गया है। जबकि मैथिलीशरण गुप्त की भारत माता का 'मंदिर है यह', केदारनाथ सिंह की 'नदी' और अशोक बाजपेयी की 'युवा जंगल' पूरा पाठ हटाया गया है।

10वीं-12वीं के विषयों में बदलाव

10वीं और 12वीं के कई विषयों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अंग्रेजी सब्जेक्ट से टॉर्च बियरर व ऑवर इंडियन म्यूजिक, पोएट्री से द नेशन बिल्डर्स, सप्लीमेंटरी रीडर से माई ग्रेटेस्ट ओलम्पिक प्राइज को बाहर किया गया है। विज्ञान से धतु एवं अधतु, तत्वों का आवर्त वर्गीकरण, प्राकृतिक संसाधन, विद्युत का प्रभाव्र विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव को इस साल के लिए बाहर रखा गया है। गणित से त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएं, प्रायिकता व श्रेणी आदि, सामाजिक विज्ञान से औद्योगीकरण का युग, राजनीतिक दल, मुद्रा तथा साख को बाहर किया गया है। वहीं 12वीं के इतिहास से उपनिवेशवाद, विभाजन को समझना जबकि नागरिक शास्त्र से समकालीन विश्व में अमेरिकी वर्चस्व, समकालीन विश्व में सुरक्षा, स्वतंत्र भारत में राजनीति आदि, समाजशास्त्र में भूमंडीकरण और सामाजिक परिवर्तन समेत कुछ पाठ हटाए गए हैं।

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