अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए 6 और उद्योगों को हरी झंडी, वित्तीय संसाधनों के लिए खर्चों पर 50 फीसदी कटौती पर विचार

- लखनऊ में आज से खुलेंगे जरूरी सेवाओं वाले निजी आफिस

- आगरा में 63 फैक्ट्रियों को मिली हरी झंडी, 33 फीसदी मजदूर कर सकेंगे काम

By: Karishma Lalwani

Published: 05 May 2020, 03:30 PM IST

लखनऊ. लॉकडाउन के कारण बिगड़े राज्य के वित्तीय हालात और चरमराई अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कई पहलुओं पर विचार कर रही है। लॉकडाउन 2 में 11 उद्योगों के संचालन को मंजूरी देने के बाद सरकार अब लॉकडाउन के तीसरे फेज में योगी सरकार औद्योगिक धंधे का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। योगी सरकार की कोशिश है कि सोशल डिस्टेंसिंग लागू रखते हुए प्रदेश में छह और औद्योगिक गतिविधियां शुरू की जाएं ताकी बिगड़ी अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटना शुरू हो। वहीं वित्तीय संसाधनों को जुटाने और सरकार के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए कई तरह के खर्चों का बजट आधा किए जाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। वित्तीय संसाधनों के लिए योगी सरकार कई खर्चों में 50 फीसदी कटौती पर मंथन कर रही है। ये वे खर्चे हैं जिससे आम आदमी सीधे तौर पर प्रभावित नहीं होता है।

खर्च 50 फीसदी कम करने पर प्रस्ताव

वित्तीय वर्ष में भोजन व्यय पर 330.16 करोड़, मोटर गाड़ियों की खरीद के लिए 8.43 करोड़, यात्रा व्यय पर 672.28 करोड़, कार्यालय व्यय 237.14 करोड़, पूंजीगत परिसंपत्तियों के सृजन के लिए अनुदान मद में 15657.61 करोड़, प्रशिक्षण के लिए यात्रा व्यय मद में 181.68 करोड़, अन्य व्यय मद में 15478.28 करोड़ सामग्री एवं संपूर्ति मद में 3659.33 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। कोरोना लॉकडाउन से राज्य की वित्तीय हालत को देखते हुए वित्त विभाग ने कई खर्चों को 50 फीसदी कम करने का प्रस्ताव विचार के लिए सरकार के पास भेजा गया है।वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का कहना है कि वित्तीय संसाधनों को बेहतर करने के लिए अध्ययन किया जा रहा है, सरकार के स्तर से इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

एडवाइजरी के अनुरूप होगा पालन

मुख्य सचिव, गृह अवनीश अवस्थी ने इस बारे में कहा है कि महामारी के दौरान उद्योंगों के संचालन के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों व बनाए गए स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उद्योग धंधों का संचालन एडवाइजरी के अनुरूप होगा।

खुलेंगे जरूरी सेवा वाले निजी ऑफिस

रेड जोन में निजी वाहन से कुछ सेवाओं के लिए लोगों को आने जाने की छूट होगी। बहुत जरूरी सेवाओं के लिए ही निजी ऑफिस आने के लिए अनुमति होगी। लेकिन ये ऑफिस 33 फीसदी लोगों के साथ ही काम करेंगे। इसके संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह ने एडवाइजरी जारी की है। दूसरी तरफ रिक्शा, ऑटो, टैक्सी और ओला, उबर जैसी टैक्सियों के चलने पर पाबंदी रहेगी। यहां सैलून, स्पा, ब्यूटी पार्लर भी नहीं खुलेंगे और साथ ही यहां बसें भी नहीं चलेंगी। इसके साछथ ही योगी सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि हॉटस्पॉट क्षेत्र में आने वाले कर्मी अपने कार्यस्थल नहीं जाएंगे। उन्हें घर में ही रहकर काम करना होगा।

निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज

मुख्यमंत्री ने यूपी के निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस के इलाज के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अस्पतालों की सूची तैयार की जा रही है। प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

आगरा में 63 फैक्ट्रियों को मिली हरी झंडी

आगरा के ग्रीन जोन में 63 फैक्ट्रियों को हरी झंडी मिली है। आदेश के अनुसार इन फैक्ट्रियों में 33 फीसदी मजदूर ही काम कर सकेंगे। संचालकों को मजदूरों के रहने की व्यवस्था फैक्ट्रियों में ही करनी होगी। वहीं फैक्ट्री में काम करते वक्त मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा।

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