यूपी पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, 75 जिला पंचायतों में 25 पर अध्यक्ष होंगी महिलाएं, देखें पूरी डीटेल

-त्रिस्तरीय पंचायतों में स्थान एवं पदों की आरक्षण नीति का शासनादेश जारी.

 

By: Abhishek Gupta

Published: 12 Feb 2021, 06:02 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में त्री-स्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) की तैयारियां तेज हो गई है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आरक्षण नियमावली जारी की गई, जो रोटेशन पॉलिसी (Rotation Policy) पर आधारित है। इस बार के चुनावों में भी एक बार फिर महिलाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके मद्देनजर उत्तर प्रदेश की 75 जिला पंचायतों में से आरक्षण के तहत 25 सीटों (33 फीसदी) पर महिलाएं बैठेंगी। 16 सीटें अनुसूचित जाति और 20 सीटें ओबीसी जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए सुरक्षित रहेंगी। ऐसे 75 में से कुल 48 सीटें आरक्षित रहेंगी व 27 सीटें अनारक्षित रहेंगी जिन पर कोई भी चुनाव लड़ सकेगा। इसी प्रकार 826 ब्लॉक प्रमुखों में से 5 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहेंगी, 171 अनुसूचित जाति और 223 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित रहेंगी। ग्राम प्रधानों के 58,194 पदों में से 330 पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहेंगे, 12,045 पद अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति के लिए 15,712 पद आरक्षित रहेंगी। इस बार आरक्षण की व्यवस्था अब तक अनारक्षित रही सीटों को ध्यान में रखते हुए की जाएगी। मसलन, जो सीटें पिछले पांच चुनावों में आरक्षित नहीं हुई, वह प्राथमिकता में रहेंगी, वहीं जो सीटों पिछले चुनावों में आरक्षित थी, उन्हें अनारक्षित किया जाएगा।

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रोटेशन रिजर्वेशन किया जाएगा लागू-
गुरुवार को पंचायती राज विभाग ने उत्तर प्रदेश पंचायत आरक्षण मामले को लेकर आगामी पंचायत चुनाव में आरक्षण कीअधिसूचना जारी की। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 826 ब्लॉक, 58194 ग्राम पंचायतों में वॉर्डों की संख्या का गठन हो चुका है। इस बार पंचायत चुनाव में रोटेशन रिजर्वेशन लागू किया जाएगा, इसके लिए पिछले 5 निर्वाचन में हुए आरक्षण का संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'एससी, ओबीसी, महिला के क्रम में पिछले निर्वाचन को देखते हुए आरक्षण लागू किया जाएगा। पंचायत चुनाव में 2015 में जो आरक्षण की स्थिति थी, वह इस चुनाव में नहीं होगी।

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ऐसे जारी किया जाएगा आरक्षण-

अपर मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि 15 फरवरी तक मध्य जिला पंचायतों का आरक्षण व आवंटन और ब्लाक प्रमुख पदों का आरक्षण जारी कर दिया जाएगा। इसी क्रम में 20 फरवरी से दो मार्च तक जिलों में ग्राम प्रधान, ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्यों का आरक्षण व आवंटन कार्य पूरा होगा। छह दिन के भीतर आपत्ति दर्ज करायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि आपत्तियां लिखित रूप में संबंधित अधिकारियों को देनी होंगी। आरक्षण जारी होने के छह दिन तक लोग अपनी आपत्तियां लिखित रूप में दे सकेंगे, उसके बाद 16 मार्च को अंतिम सूची जारी की जाएगी। आपत्ति निस्तारण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत व जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य होंगे।

यह जिला पंचायत सीटें होंगी आरक्षित-
उत्तर प्रदेश की 75 जिला पंचायतों में से बागपत और शामली ऐसी सीटें हैं, जो अनुसूचित जाति वर्ग के लिए कभी भी आरक्षित नहीं रहीं, इसलिए इन दाेनाें सीटों काे इस बार अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा। इनके अतिरिक्त प्रदेश में तीन जिला पंचायतें कुशीनगर, देवरिया और बलिया कभी भी पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रही। इसी तरह से प्रदेश में सात जिला पंचायतें ऐसी हैं जाे कभी महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं की गईं। इस बार इन जिला पंचायतों में छूटे आरक्षण की पूर्ति की जाएगी। क्षेत्र व ग्राम पंचायतों में भी छूटे आरक्षण को नियमानुसार पूरा किया जाएगा। बताया गया कि 75 जिला पंचायतों के अध्यक्षों का आरक्षण व आवंटन शुक्रवार देर शाम किया जाएगा।

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